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संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 24 सितम्बर 2021 को आशा-ऊषा, आशा पर्यवेक्षकों का राष्ट्रव्यापी हड़ताल सफल बनाइये आशा ऊषा एवं पर्यवेक्षक बहनों,

 

मंडला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित देश में केन्द्र सरकार को विभिन्न योजनाओं में आशा एवं पर्यवेक्षकों सहित एक करोड़ के लगभग योजना कर्मी काम कर रही है। सरकारी विभाग में सरकार की योजनाओं को सरकारी अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं देखरेख में लागू करने के लिये एक कर्मचारों के रूप में एवं कर्मचारी से बढ़कर काम कर रही इन कमियों को सरकार कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन आदि से याँचत कर, अल्प वेतन देकर इनका अमानवीय शोषण कर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा शोषण आशाओं का है, जिन्हें केन्द्र सरकार मात्र 2000 रुपये का वेतन दे रही है। आशाओं के आंदोलन के चलते अन्य राज्य सरकारें अपनी ओर से अतिरिक्त वेतन देकर आशा एवं पर्यवेक्षकों को राहत पहुंचा रही है। आन्ध्र प्रदेश में आशाओं को 10,000 रुपये (8000 राज्य सरकार का) केरल में 9000 रुपये (6000 रु मानदेय राज्य सरकार का), उत्तराखंड में 8000 रु.6000 रु. राज्य सरकार का), महाराष्ट्र में आशा को 8500 एवं पर्यवेक्षक को 13.800 ‘हरियाणा एवं अन्य राज्यों में वेतन दे रही है। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार आशा एवं सहयोगियों को कुछ नहीं दे रही है, जिसके का आदोलन लगातार जारी है।

 

आशा एवं पर्यवेक्षकों को नियमित करो न्यूनतम वेतन दो श्रम सम्मेलन का 45 वें सत्र ने वर्ष 2013 में आशाओं सहित केन्द्र सरकार की योजनाओं में कार्यरत योजना कर्मियों को

 

दर्जा न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया है। तब से इस अनुमोदन कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की मांग को लेकर आंदोलन जाते है। सरकार सलग नहीं कर रही है। 24 सितम्बर की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की मांगों में आशा को कर्मचारी एवं सहयोगियों को पर्यवेक्षक के रूप में नियमित करने, न्यूनतम वेतन देने, न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये करने, भविष्य निधि एवं ईएसआई लागू करने की मांग प्रमुख है। आशा-कया आशा पर्यवेक्षक संयुक्त मोर्चा ने इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मांगों के साथ साथ प्रदेश के स्तर पर मिशन संचालक के प्रस्ताव को लागू कर आशा को 10,000 रु. एवं सहयोगी को 15,000 रु. मासिक वेतन दिये जाने की मांग को प्रमुखता से प्रस्तुत करते हुये प्रदेश में हड़ताल की जायेगी एवं इस दौरान प्रदेश भर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने के साथ येतन वृद्धि की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जायेगा।

 

अत: संयुक्त मोर्चा प्रदेश की सभी आशा-ऊषा आशा पर्यवेक्षकों से अपील करती है कि कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन सहित वैधानिक अधिकार को हासिल करने की दिशा में हो रही 24 सितम्बर 2021 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को कामयाब बनायें एवं प्रदेश भर की जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुये अपनी आवाज बुलंद कीजिये एवं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का जापन दीजिये।।

 

हडताल की मांगें:- (1) भारतीय श्रम सम्मेलन का अनुमोदन को लागू कर आशा, ऊया एवं पर्यवेक्षकों सहित सभी योजना कर्मियों को कर्मचारी के रूप में नियमित करो। न्यूनतम वेतन दो ।( 2 ) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित सभी केन्द्रीय योजनाओं के लिये पर्याप्त बजट आवटेत करो।(3) न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये करो। (4) सेवा निवृत्ति पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन दो । ( 5 ) सभी योजना कर्मियों को भविष्य निधि, ईएसआई को लागू करो।(6) सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करो। सरकारी अस्पतालों सहित स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण बंद करो। (7) मजदूर विरोधी श्रम सहिताओं को वापस लो एवं आशा और पर्यवेक्षकों सहित सभी योजना कर्मियों को कर्मचारी की श्रेणी में शामिल करो। ( 8 ) स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत आवंटित करो।( 9 ) कोविड अभियान के दौरान मृत सभी आशा कार्यकर्ताओं को 50 लाख रुपये का बीमा राशि दो। (10) मिशन संचालक, एनएचएम मध्य प्रदेश के प्रस्ताव को लागू कर आशा को 10,000 रुपये एवं आशा पर्यवेक्षक को 15,000 रुपये वेतन दो ( 11 ) आयकरदाताओं को छोड़ बाकी सभी परिवारों को प्रति व्यक्ति 10 कि.ग्रा. की दर से 500 रुपये

 

जिले के सुधी आशा ऊषा एवं पर्यवेक्षकों से अपील है कि 24 सितम्बर 2021 को प्रातः 11

 

यो: मेनपुर जिल्ला में पहुंचकर हैवाल एवं प्रदर्शन को सफल निवेदक

 

बनाइये ।

 

आशा ऊषा आशा सहयोगी एकता यूनियन मध्य प्रदेश (सीटू)

 

आशा ऊषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश

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