बिछिया के गदिया गांव में हेबीटेट राईट्स पर ग्रामीणों से चर्चा
कलेक्टर ने क्षेत्र के भ्रमण के दौरान देखी व्यवस्थाएं
मण्डला 19 नवम्बर 2022
कलेक्टर हर्षिका सिंह शनिवार को बिछिया क्षेत्र के दौरे पर रही। इस दौरान उन्होंने बिछिया क्षेत्र में विकास कार्यों के निरीक्षण के अलावा प्रमुख रूप से हेबीटेट राईट्स के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की। बिछिया विकासखंड के चंगरिया पंचायत के अंतर्गत गदिया गांव में हेबीटेट राईट के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी देने एवं उनकी समस्याओं को सुनने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने शिविर में ग्रामीणों एवं बैगा जनजाति को संबोधित करते हुए कहा कि जंगल जनजाति के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र है। साथ ही जंगल सभी जनजातीय के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। श्रीमती सिंह ने हेबीटेट राईट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अधिकार से जनजातियों को उनके आर्थिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों को विस्तार मिलेगा।

वनोपज संरक्षण के लिए योजना बनाएं
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने शिविर में कहा कि बैगा सहित सभी जनजाति अपनी भावी पीढ़ी के लिए वनोपजों के संग्रहण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दें एवं सहयोग दें। श्रीमती सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के जंगल के माध्यम से आय के स्त्रोत बने रहें इसके लिए जंगलों का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनआरएलएम विभाग आजीविका के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण दें। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अपने संबोधन में उपस्थित ग्रामीणों से उनके खानपान, रहन-सहन तथा अन्य जरूरतों पर विस्तृत चर्चा की।

21 को चंगरिया में ग्रामसभा, हेबीटेट राईट्स पर होगी चर्चा
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने एसडीएम बिछिया को निर्देशित किया कि 21 नवंबर को ग्राम चंगरिया में ग्रामसभा आयोजित करें। इस ग्रामसभा में 3 पंचायतों के 11 गांव के लोग भाग लेंगे। ग्रामसभा का मुनादी सहित अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्रामसभा में हेबीटेट राईट के विषय पर आमजनों को जानकारी देते हुए विस्तृत चर्चा करें। श्रीमती सिंह ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में किए जा रहे हेबीटेट राईट के कार्यों की नक्शे के आधार पर जानकारी दी तथा कहा कि स्थानीय आवश्यकता के अनुसार यदि कोई महत्वपूर्ण विषय छूट गया है तो उसे भी ग्रामसभा में चर्चा के दौरान शामिल करें। साथ ही महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित करें। इन प्रस्तावों को एसडीएम कार्यालय भेजें। इस दौरान क्षेत्र के वनमंडलाधिकारी (पूर्व सामान्य) पुनीत गोयल ने हेबीटेट राईट के अधिकार पत्रों के उद्देश्य एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीणों को वृक्षारोपण के बारे में जागरूक किया।

बड़ी झिरिया के विस्तार की योजना बनाएं
कलेक्टर ने गदिया ग्राम के भ्रमण के दौरान स्थानीय व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने गांव के महत्वपूर्ण जल स्त्रोत बड़ी झिरिया का निरीक्षण करते हुए इसके विस्तार की योजना बनाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोत के आसपास साफ-सफाई रखें। श्रीमती सिंह ने इस दौरान स्थानीय पूजा स्थल की व्यवस्थाओं को भी दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

शीत से बचाव के लिए जानकारी
मण्डला 19 नवम्बर 2022
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजनों को शीत से बचने एडवाईजरी जारी की है। जारी एडवाईजरी में उन्होंने कहा है कि वर्तमान में शीत ऋतु में वातावरण का तापमान अत्यधिक कम होने व शीतलहर के कारण मानव स्वास्थ्य पर अनेक विपरीत प्रभाव जैसे- सर्दी, जुकाम, बुखार, निमोनिया, त्वचा रोग, फेफड़ों में संक्रमण, हाईपोथर्मिया, अस्थमा, एलर्जी होने की आशंका बढ़ सकती है। यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है।
शीत से बचने के लिए क्या करें
शीत से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, घर में ठंडी हवा प्रवेश न हो इसलिए दरवाजे व खिड़की बंद रखें, सोते समय रजाई, कम्बल का उपयोग करें। फ्लू या बुखार, नाक बंद होने की स्थिति में घर से बाहर न निकलें, घर में रहें, आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक से परामर्श करें, गरम एवं ताजा भोजन, गर्म पानी का उपयोग करें, वृद्ध, बच्चे एवं गर्भवती माताओं का विशेष ध्यान रखें, लकड़ी का अलाव, सिगड़ी एवं रूम हीटर का उपयोग करें। शीतघात के दौरान यथासंभव घर के अंदर रहें और ठण्डी हवा बारिश बर्फ से संपर्क रोकने के लिये अनिवार्य होने पर ही यात्रा करें, शरीर को सूखा रखें, शरीर की गरमाहट बनाये रखने हेतु अपने सिर, गर्दन, कान, नाक को पर्याप्त रूप से ढकें, सूती एवं गर्म ऊनी कपड़े पहनें, शरीर की गर्मी बचाये रखने के लिए टोपी, मफलर तथा आवरण युक्त एवं जलरोधी जूतों का उपयोग करें, फेफड़ों में संक्रमण से बचाव हेतु मुंह एवं नाक ढक्कर रखें। स्वास्थ्यवर्धक गरम भोजन का सेवन करें, शीत प्रकृति के भोजन से दूर रहें। गरम तरल पदार्थ नियमित रूप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहे। रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता में वृद्धि के लिए विटामिन सी से भरपूर ताजे फल व सब्जियाँ खाएं। तेल, क्रीम, जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से अपनी त्वचा का मसाज करें। बुजुर्ग, नवजात शिशु तथा बच्चों का यथासम्भव अधिक ध्यान रखें क्योकि उन पर शीतऋतु का प्रभाव अधिक होता है। बच्चों व बुजुर्गों को टोपी मफलर, स्वेटर व गर्म कपड़े पहनाकर गर्म रखें। कमरे को गर्म करने के लिए कोयले का प्रयोग न करें, अगर कोयले व लकड़ी जलाना आवश्यक है तो रोशनदान का प्रयोग करें, बंद कमरे में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है क्योकि यह कार्बन मोनोऑक्साईड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है जो किसी की जान भी ले सकती है। अधिक समय तक ठण्ड में न रहें, शराब न पिएं, यह शरीर की गरमाहट को कम करता है। यह खून की नसों को पतला कर देता है, विशेषकर हाथों से जिसमें हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है, शीत में छतिग्रस्त हिस्सों की मालिश न करें, अचेतन अवस्था में किसी व्यक्ति को तरल पदार्थ न दें, शीत लहर, हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान कराएं।

पशु के आवारा घूमने पर लगेगा अर्थदंड
मंडला 19 नवम्बर 2022
प्राप्त जानकारी के अनुसार मवेशियों अथवा अन्य पशुओं को सार्वजनिक सड़कों अथवा स्थानों पर खुला छोड़ना अथवा बांधना जो कोई भी जानबूझकर अथवा उपेक्षापूर्वक करता है, जिसके कारण किसी व्यक्ति को क्षति होती है या संपत्ति को नुकसान होता है या लोक यातायात को बाधा पहुंचती है या संकटापन होता है या लोक न्यूसेंस कारित होता है, तो वह राज्य सरकार द्वारा विहित जुर्माने से दंडनीय होगा।

मलेरिया एवं डेंगू से बचने के उपाय
मण्डला 19 नवंबर 2022
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि मच्छरों से फैलने वाली मलेरिया एवं डेंगू बीमारी से बचाव के लिए मच्छरों की पैदावार रोकने के कुछ सरल उपाय करें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। पानी से भरे गडढों में मिट्टी भर दें। घर में रखी हुई नांद व छत पर टंकी में एकत्रित पानी में मच्छर पैदा होते हैं, इनको सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं व हमेशा ढक्कर रखें। ठहरे हुए पानी जैसे- कुओं, तालाब व अन्य जलाशयों में गम्बुजिया डालें। यह मछली मलेरिया फैलाने मच्छरों के लार्वा को खा जाती हैं। गम्बुजिया मछली स्वास्थ्य केन्द्र से मुफ्त प्राप्त की जा सकती है।
मच्छर के काटने से खुदको कैसे बचाएं
मलेरिया व मच्छर जनित बिमारियों से बचने के लिए सभी को, खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को, कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का ही प्रयोग करना चाहिए। मच्छरदानी या मच्छरनाशक के इस्तेमाल के बिना घर के बाहर न सोएं। घर के दरवाजों और खिड़कियों पर उपयुक्त जाली इस्तेमाल करें। निश्चित करें कि छिड़काव के समय घर के सभी कमरों में छिड़काव हो। छिड़काव के बाद कम से कम 3 महिने तक लिपाई, सफेदी और रंग-रोगन न करें। घरों में छिड़काव के समय सहयोग दें। किसी भी प्रकार के बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर खून की जांच कराएं।
डेंगू की पहचान, कैसे रहें सावधान तथा डेंगू के लक्षण
अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार का होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना। आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है। जी मचलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
कैसे बचें
डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है। कही आपके घर में या आसपास पानी तो जमा नही है। जैसे कि कूलर की पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर, इत्यादि, पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढक्कर रखें, कूलर को खाली करके सुखा दें, यह मच्छर दिन के समय काटता है। ऐसे कपड़े पहनें जो बदन को पूरी तरह ढके। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल ले सकते हैं। एस्पीन या इबुब्रेफेन का इस्तेमाल अपने आप न करें। डॉक्टर की सलाह लें। डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेटस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

