मंडला 2 मई 2025
जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं जिला योजना अधिकारी ने बताया कि जन्म-मृत्यु पंजीयन के शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रदेश की समस्त पंजीयन इकाईयों में समय पर जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का पंजीकरण करने का उल्लेख किया गया है परन्तु यह देखा जा रहा है कि कुछ पंजीयन इकाईयों द्वारा परिजनों/रिश्तेदारों के मांग पर ही जन्म-मृत्यु की घटनाओं का पंजीकरण किया जा रहा है। चिकित्सा संस्थानों (शासकीय/निजी) के प्रभारी, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 एवं संशोधित अधिनियम 2023 की घारा 8 (1) ख के अनुसार किसी अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र, प्रसूति या नर्सिग होम या अन्य समान संस्थान में जन्म और मृत्यु के संबंध में अस्पताल का चिकित्सा अधिकारी या उसके द्वारा इस संबंध में अधिकृत कोई व्यक्ति जन्म या मृत्यु की सूचना संबंधित रजिस्ट्रार को देगा। परन्तु वास्तविक में ऐसा नही हो रहा है, अधिकांशतः निजी अस्पतालों के द्वारा समय पर रिपोर्टिंग नही की जा रही है। जबकि वर्ष 2015 से भारत के द्वारा प्रदत्त सी. आर.एस. पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रार को ऑनलाईन सूचना दिये जाने की व्यवस्था लागू है, साथ ही कुछ शासकीय संस्थाओं में भी परिजनों की मांग पर ही पंजीकरण किया जा रहा है। इस प्रकार के विलम्ब हेतु जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीरण अधिनियम 1969 एवं संशोधित अधिनियम 2023 की धारा 23 (1) में पेनाल्टी का भी प्रावधान हैं एवं संशोधित अधिनियम 2023 की धारा 12 में 7 दिवस के भीतर पंजीयन करने का प्रावधान है। यह भी देखा जा रहा है कि सामान्य नागरिकों द्वारा जन्म-मृत्यु की घटनाओं के पंजीकरण हेतु ऑफलाईन सी.आर.एस. पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाता है परन्तु उक्त आवेदनों में भी रजिस्ट्रारों द्वारा विलम्ब से अथवा पंजीकरण नही किया जाता है। मण्डला जिले के समस्त निजी स्वास्थ्य/प्रसूति संस्थाओं को निर्देशित किया जाता है कि संशोधित अधिनियम 2023 की धारा 12 के तहत् 7 दिवस के भीतर पंजीयन करने हेतु रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को सूचना प्रेषित करना सुनिश्चित करें। जिससे शत-प्रतिशत पंजीयन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। साथ ही जन्म एवं मृत्यु पंजीयन की समीक्षा जिला अर्न्तविभागीय समन्वय समिति की बैठक में किया जावेगा।
