मंडला, 3 जनवरी 2026
ग्राम कोहड़ा, विकासखंड मंडला का एक साधारण किसान श्री आदित्य कुमार साहू, 43 वर्षीय आदित्य के पास सीमित साधन, सीमित संसाधन, लेकिन सपने बड़े थे। कोरोना काल के बाद जब रोज़गार की अनिश्चितता ने जीवन को झकझोर दिया, तब उनके सामने भी वही सवाल था कि अब कैसे क्या करें कि जीवन की गाड़ी आगे बढ़े ? इसी संघर्ष के दौर में उन्हें जानकारी मिली प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की। एक योजना, जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।
उम्मीद की पहली किरण
श्री आदित्य कुमार साहू ने मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। ग्राम पंचायत बिक्रोनी क्षेत्र में स्थित लगभग 0.10 हेक्टेयर तालाब उनके सपनों का आधार बना। विभागीय मार्गदर्शन और योजना के अंतर्गत मिले 5.60 लाख रुपये के अनुदान ने उन्हें आत्मविश्वास दिया कि वे भी सफल हो सकते हैं।

वर्ष 2023 में तालाब निर्माण पूर्ण हुआ। इसके बाद आधुनिक तकनीक से 5000 पंगेशियस मत्स्य बीज का संचयन किया गया। नियमित देखरेख, विभागीय सलाह और स्वयं की मेहनत से फरवरी 2024 में पहली फसल तैयार हुई जिसमें लगभग 4500 किलोग्राम मछली उत्पादन हुआ। जिससे उन्हें 5.40 लाख रुपये की आय जिसमें 3.10 लाख रुपये की शुद्ध आमदनी हुई।
भविष्य की मजबूत नींव
आज श्री आदित्य कुमार साहू 7500 पंगेशियस मत्स्य बीज के साथ अगली फसल की तैयारी में हैं। आने वाले समय में 7000 किलोग्राम तक उत्पादन कर 8.40 लाख रुपये की संभावित आय अर्जित कर 3.50 लाख रुपये से अधिक शुद्ध लाभ का अनुमान है।
आदित्य कुमार साहू कहते हैं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मेरे लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का रास्ता है। विभाग का मार्गदर्शन और सरकार का सहयोग मुझे हर कदम पर मिला। आज मैं न केवल अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर पा रहा हूँ, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहा हूँ।

