मंडला, 10 मार्च 2026
जिले में फसल कटाई में उपयोग होने वाले हार्वेस्टर रबी में गेंहू की कटाई बिना स्ट्रॉ मेनेजमेंट सिस्टम (एस.एम.एस.) के संचालित हो रहे हैं। जिससे पराली/नरवाई जलाने की घटनाएं हो रही है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सोमेश मिश्रा ने जिले में पराली/नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया है। फसल कटाई के लिए कम्बाटईन होर्वेस्टरों में स्ट्रॉे मेनेजमेंट अनिवार्य किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में यह प्रतिबंध प्रभावी होगा। आदेश के अनुसार हार्वेस्टर संचालक रबी में गेंहूँ कटाई उपरांत स्ट्रॉ रीपर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे।
ग्राम पंचायत स्तरीय समिति का दायित्व है कि प्रत्येक ग्राम में फसल अवशेषों, पराली/नरवाई को खेतों में जलाने से रोकने, पराली/नरवाई से नये रोजगार स्थापित करने एवं कृषकों में जागरूकता लाने के लिए प्रेरित करें। जिले में कम्बाइंन्ड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ रीपर/स्ट्रॉ मेनेजमेंट सिस्टम के साथ ही प्रवेश की अनुमति दी जाए। बिना स्ट्रॉ रीपर/स्ट्रॉ मेनेजमेंट सिस्टम के प्रवेश निषेध रहेगा। साथ ही बिना स्ट्रॉ रीपर/स्ट्रॉ मेनेजमेंट सिस्टम के कम्बाइन्ड हार्वेस्टर चलाये जाने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। जिले में संचालित कम्बाइन्ड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ रीपर/स्ट्रॉक मेनेजमेंट सिस्टम की सतत निगरानी ग्राम पंचायत स्तरीय निगरानी समिति द्वारा की जायेगी। यदि किसी हार्वेस्टर में स्ट्रॉ -मेनेजमेंट सिस्टम न हो एवं किसी कृषक द्वारा खेत में नरवाई में आग लगाई जाती है तो संबंधित की जानकारी मय पंचनामा, फोटोग्राफ सहित तहसीलदार/नायब तहसीलदार की अनुशंसा पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा हार्वेस्टर मालिक पर निर्धारित दंड अधिरोपित करने की कार्यवाही की जाएगी।
कृषक जिनके पास 2 एकड़ से कम जमीन है उन्हें 2500 रूपए प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 2 एकड़ से अधिक एवं 5 एकड़ से कम जमीन है उन्हें 5000 रूपए प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थ दण्डा देय होगा। कृषक जिनके पास 5 एकड़ से अधिक जमीन है उन्हें 15000 रूपए प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थ दण्ड देय होगा।
