मंडला, 13 अप्रैल 2026
मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मध्यप्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत मुख्य वन संरक्षक, मध्य वनवृत्त जबलपुर के मार्गदर्शन में वनमंडल कार्यालय परिसर में यह बैठक संपन्न हुई।
बैठक में वनमंडलाधिकारी पश्चिम सामान्य वनमंडल मंडला के निर्देशन में वन परिक्षेत्र कालपी, महाराजपुर, बम्हनी, बीजाडांडी सहित संबंधित परिक्षेत्र सहायक, बीट प्रभारी, वन समितियों के अध्यक्ष-सदस्य और वन सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बाघ, तेंदुआ, हाथी और भालू जैसे वन्यजीवों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। लघु वनोपज (एमएफपी) संग्रहण के दौरान समूह बनाकर जाने, अपने साथ डंडा, मोबाइल, टॉर्च और पानी रखने की सलाह दी गई। साथ ही अंधेरे में जंगल में प्रवेश न करने और छोटे बच्चों को साथ न ले जाने की हिदायत दी गई।
वन विभाग ने जंगल में बीड़ी-सिगरेट ले जाने और आग जलाने पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा सुबह-शाम जंगल में प्रवेश के दौरान बीट गार्ड और अन्य वन अमले की उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही गई। संवेदनशील क्षेत्रों में समूह के रूप में ही प्रवेश करने पर जोर दिया गया।

बैठक का संचालन उपवनमंडलाधिकारी महाराजपुर द्वारा किया गया, जिसमें सहायक वन संरक्षक सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।
