मंडला, 18 अप्रैल 2026
कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए स्ट्रॉ रीपर मशीन का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। विकासखंड निवास के ग्राम अलीपुर के प्रगतिशील कृषक श्री पंकज ठाकुर द्वारा इस तकनीक का सफल उपयोग किया जा रहा है।
कृषि अभियांत्रिकी विभाग की कस्टम हायरिंग योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में स्ट्रॉ रीपर मशीन क्रय करने के बाद, श्री ठाकुर ने हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई के उपरांत खेतों में बचे फसल अवशेषों से भूसा तैयार करना शुरू किया। अब तक वे लगभग 20 टैंक भूसा बनाकर विक्रय कर चुके हैं, जिससे प्रति टैंक 2000 रुपये के हिसाब से करीब 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में प्रति एकड़ 15 से 35 किलो तक बचा हुआ गेहूं भी प्राप्त होता है, जिससे 375 से 1250 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ संभव है। यह कार्य लगातार जारी है और आसपास के गांवों में भी इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
श्री ठाकुर के अनुसार, स्ट्रॉ रीपर के उपयोग से खेतों में खड़े व फैले अवशेषों का प्रभावी प्रबंधन हो जाता है। इससे नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त होती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा इस तकनीक को बढ़ावा देकर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
