मंडला, 18 अप्रैल 2026
मण्डला जिले के बिछिया जनपद के ग्राम मोचा की रहने वाली श्रीमती काजल टेमरे आज महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत मिसाल बन चुकी हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर हौसला मजबूत हो और सही दिशा मिले, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी बदला जा सकता है।
एक समय ऐसा था जब श्रीमती काजल टेमरे के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके पति श्री जितेंद्र टेमरे एक निजी कंपनी में मात्र 9 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करते थे, लेकिन नौकरी छूट जाने के बाद परिवार पर संकट आ गया। ऐसे कठिन समय में श्रीमती टेमरे ने हार नहीं मानी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।

श्रीमती काजल टेमरे ने साई आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की। ग्राम संगठन ‘कान्हा महिला आजीविका ग्राम संगठन’ और सीएलएफ ‘प्रगति महिला संकुल स्तरीय संघ’ के मार्गदर्शन में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। उनकी शिक्षा (10वीं उत्तीर्ण) को देखते हुए मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उन्हें ‘सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया’ (शाखा बम्हनी बंजर) में बी.सी. सखी के रूप में चयनित किया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद श्रीमती टेमरे ने गांव में बैंकिंग सेवाएं देना शुरू किया। शुरुआत में उनकी आय केवल 2 हजार रुपये प्रतिमाह थी, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने धीरे-धीरे उन्हें आगे बढ़ाया। आज उनकी मासिक आय बढ़कर 10 हजार रुपये हो गई है और गांव की महिलाएं उन्हें भरोसे के साथ एक मार्गदर्शक के रूप में देखती हैं।

यही नहीं श्रीमती काजल टेमरे ने अपने खाली समय का भी सदुपयोग किया। उन्होंने सिलाई कार्य शुरू किया और आज वे स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म सिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए ब्लाउज तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
श्रीमती टेमरे की मेहनत का सकारात्मक असर उनके परिवार पर भी पड़ा। उनके पति को ‘स्टालिन रिसॉर्ट’ में मैनेजर के पद पर नौकरी मिली, जहां उन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। आज दोनों मिलकर हर महीने लगभग 35 हजार से 38 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं और एक बेहतर जीवन जी रहे हैं।

