मंडला, 2 जून 2026
मंडला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और बाल कल्याण समिति ने समन्वय से सुशासन की मिसाल कायम की। आठ वर्षीय बालक के आधार न बन पाने के कारण स्कूल प्रवेश अटका था। बालक की नानी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में विधिक संरक्षक प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया, जिसे तुरंत बाल कल्याण समिति को भेजा गया।
बाल कल्याण समिति ने आवेदन मिलने के एक दिन के भीतर नानी, दादा-दादी को बुलाकर दस्तावेज जांचे और कथन लिए। बालक की माता का निधन हो चुका है और पिता दूसरा विवाह कर बालक को छोड़कर चला गया है, बालक दादा-दादी के पास रहता है। काउंसलिंग के बाद सभी की सहमति से दादा को विधिक संरक्षक घोषित किया गया।
समिति अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि इस आदेश और विधिक संरक्षक के बायोमेट्रिक के आधार पर अब बालक का आधार कार्ड बन सकेगा। पूरी प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम और यूआईडीएआई के निर्देशों के अनुरूप एक दिन में पूर्ण कर जिले ने संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण पेश किया है।
