मंडला, 4 जून 2026
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित गौर नदी संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्गम से संगम यात्रा का द्वितीय दिवस उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यात्रा का उद्देश्य नर्मदा की सहायक गौर नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
द्वितीय दिवस में विकासखंड निवास के सेक्टर-3 अंतर्गत ग्राम भटगांव से यात्रा प्रारंभ की गई। यात्रा दल ने भारद्वारा, कटंगसिवनी, पाडरपानी सहित गौर नदी के तटवर्ती ग्रामों का भ्रमण कर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान नदी की वर्तमान स्थिति, जल उपलब्धता, जल स्त्रोतों के संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की गई।

यात्रा के दौरान ग्राम पंचायत थानमगांव के पोषक ग्राम रेडम में चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता और सामुदायिक जिम्मेदारी भी आवश्यक है।
कार्यक्रम जिला समन्वयक श्री राजेन्द्र चौधरी एवं खंड समन्वयक श्री सूरज बर्मन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। चौपाल में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनसेवा मित्रों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा जल संरक्षण एवं नदी संवर्धन के लिए सामूहिक संकल्प दिलाया गया।

आयोजकों ने बताया कि “उद्गम से संगम यात्रा” के माध्यम से गौर नदी के उद्गम से लेकर संगम तक के क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर स्थानीय समुदाय को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे भविष्य में नदी संरक्षण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
