नन्हे-मुन्ने बच्चों को आज पिलाई जाएगी पोलियो की दवा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत जिले में 1.10 लाख से अधिक बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य
मंडला, 27 जून 2026
जिले में 28 जून रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दो बूंद जिंदगी की दवा पिलाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहन्ती ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं।
अभियान का शुभारंभ 28 जून को बूथ दिवस के रूप में होगा। इस दिन जिले के सभी पोलियो बूथों पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भी पोलियो की खुराक पिलाएंगी।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वाय.के. धानिया ने बताया कि अभियान के दौरान जिले में 1 लाख 10 हज़ार 615 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1,289 पोलियो बूथ (295 शहरी एवं 994 ग्रामीण) बनाए गए हैं। साथ ही 67 ट्रांजिट बूथ एवं 36 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, जो अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि 28 जून (पोलियो रविवार) को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य ले जाएं और उन्हें पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद दवा पिलाकर इस अभियान को सफल बनाएं।
जनजातीय कार्य विभाग ने कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगाए शिविर
मंडला, 27 जून 2026
कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के निर्देशानुसार प्रत्येक शनिवार को जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिले के सभी विकासखंडों में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शनिवार 27 जून को प्रत्येक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में समाधान शिविर लगाए गए।
शिविरों में विभाग के अधीनस्थ कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों जैसे वेतनमान एरियर, महंगाई भत्ता (डीए) एरियर, लंबित वेतन, वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित स्वत्वों से संबंधित आवेदनों को प्राप्त कर उनका त्वरित निराकरण करने की व्यवस्था की गई। विकासखंड स्तर पर प्राप्त आवेदनों का निराकरण वहीं किया जाएगा, जबकि जिला कार्यालय से संबंधित प्रकरण सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, मंडला कार्यालय के माध्यम से निपटाए जाएंगे। वर्तमान में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से जिला कार्यालय स्तर पर कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
विभाग ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य अधीनस्थ कर्मचारियों को अपनी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार जनजातीय कार्य विभाग संवेदनशीलता के साथ कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान संचालित कर रहा है।
