मंडला, 28 सितम्बर 2026
ग्राम बिनेका निवासी 26 वर्षीय लकी रघुवंशी, पिता श्री मनोज रघुवंशी, पिछले लगभग छह वर्षों से क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे हैं। बीमारी के कारण उनकी किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हुई और उन्हें नियमित डायलिसिस की आवश्यकता पड़ने लगी।
लकी के लिए सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराना उनके जीवन का आवश्यक हिस्सा बन गया। लंबे समय तक चलने वाले उपचार के लिए नियमित रूप से अस्पताल आना-जाना और उपचार का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था।
ऐसे समय में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) लकी और उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जिला अस्पताल मंडला में लकी का डायलिसिस उपचार निःशुल्क किया जा रहा है। इससे उन्हें नियमित उपचार जारी रखने में मदद मिल रही है और परिवार पर उपचार के खर्च का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
लकी बताते हैं कि बीमारी के कारण जीवन में कई कठिनाइयां आईं, लेकिन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिलने से उन्हें अपना उपचार लगातार जारी रखने का भरोसा मिला है। उनके लिए आयुष्मान भारत योजना केवल निःशुल्क उपचार की सुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की उम्मीद बनी है।
लकी रघुवंशी की कहानी इस बात को सामने लाती है कि जरूरत के समय सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से मिलने वाली सुविधा किसी व्यक्ति के उपचार को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच जरूरतमंद हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
