मंडला। रानी फूलकुंवर पॉलिटेक्निक महाविद्यालय एवं महिला महाविद्यालय में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के अंतर्गत युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय लोकतंत्र में युवाओं एवं मतदाताओं की भूमिका निर्वाचन प्रक्रिया तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर छात्राओं को जानकारी दी गई साथ ही देश में फैल रही भ्रामक जानकारी के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के तैल्यचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित से किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, भाजपा नगर अध्यक्ष रानू राजपूत, भाजपा नेत्री श्रद्धा उईके, महाविद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

इस अवसर कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना और अपने मताधिकार का प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने छात्राओं से निर्वाचन प्रक्रिया को समझने और किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास करने से पहले तथ्यों की जानकारी लेने का आव्हान किया। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने एसआईआर को लेकर फैलाए जा रहे भ्रमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 13 करोड़ वोट काट दिए गए कहना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि लगभग 13 करोड़ रिकॉर्ड प्रारंभिक स्तर पर संदिग्ध अथवा सत्यापन योग्य पाए गए हैं,

जिनमें मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, अनुपस्थिति और दोहरी प्रविष्टि जैसे कारण शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची दावे, आपत्तियों और सुनवाई की प्रक्रिया के बाद निर्धारित होगी। कार्यक्रम में छात्राओं को बताया गया कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए घोषणा संबंधी प्रावधान जोड़ा गया है। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि मतदाता सूचियां राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा तैयार की जाती हैं और इसीनेट एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिससे निर्णय लेने की कानूनी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होता। युवा मतदाताओं को लेकर भी जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि जून 2025 से अब तक 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.37 करोड़ नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं

तथा पात्र नागरिक वर्षभर फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने की प्रक्रिया कर सकते हैं। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि एसआईआर से जुड़े आदेश निर्वाचन आयोग के स्तर पर तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से जारी किए गए हैं तथा मतदाता सूची से नाम हटने का राशन, पेंशन या पासपोर्ट जैसी सुविधाओं से स्वतः संबंध जोड़ने का कोई सामान्य कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को तथ्यात्मक जानकारी देकर उन्हें जागरूक, जिम्मेदार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान अनिता तिवारी, उत्कर्ष यादव, अंचल जैन, मंगलेश चक्रवर्ती, सचिन शर्मा, जहूर मोहम्मद एवं महाविद्यालय स्टाॅफ सहित छात्राएं उपस्थित रहे।

