मण्डला 21 अक्टूबर 2020
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने जानकारी दी कि 21 अक्टूबर को वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार नियत्रंण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस क्रम में डॉ. सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वा. अधिकारी कार्यालय में सकंल्प लेते हये कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संकल्प में बताया गया कि खुद भी आयोडीन नमक का उपयोग करें एवं समाज को भी आयोडीन युक्त नमक खाने के लिये प्रेरित करें। 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2020 तक आयोडीन दिवस मनाया जायेगा। आयोडीन नमक के रोजाना प्रयोग करने से चुस्त दिमाग और स्वस्थ शरीर, उर्जा से भरपूर अधिक कार्य क्षमता, गर्भवती माता के लिये स्वस्थ बच्चे का जन्म, गर्भ में शिशु का स्वस्थ बच्चे का जन्म, शारीरिक एवं मानसिक विकास पूर्ण रूप से होना, बच्चों में तेज दिमाग, कक्षा में बेहतर प्रदर्शन, ज्यादा जागरूक, उर्जा से भरपूर, वृद्धि और विकास होता है।
इसी प्रकार आयोडीन नमक के प्रयोग ना करने से उर्जा में कमी, जल्दी थकावट, गर्भपात, मरे हुये बच्चे का जन्म, जन्म लेते ही शिशु की मृत्यु, गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क का कम विकास, कक्षा में साधारण अंक या पिछडा हुआ उर्जा हीन शरीर जागरूकता की कमी, वृद्वि का कम विकास और घंघापन आदि समस्याएं आती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि आयोडीन के दैनिक जीवन में इतना आवश्यक है, एवं शरीर में इसकी कमी से अनेक दुष्परिणाम होते हैं। आयोडीन कार्यक्रम जिले की समस्त सस्थाओं में आयोजित किया गया है।
