Reva India News
Otherब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

माई की रसोई के सफलतम 8 वर्ष पूर्ण

माँ नर्मदा की विशेष पूजा अर्चना के साथ भंडारा और महाप्रसाद का वितरण

कोरोना कॉल का लॉक डाउन हो फिर होली दीवाली की छुट्टी, देश व्यापी बन्द का समय या फिर हड़ताल लेकिन मण्डला के रपटा घाट की एक ऐसी रसोई है जहां बीते 8 सालों में न कभी ताला लगा और न ही कभी यहाँ से कोई जरूरत मंद या भूखा वापस गया,कोरोना महामारी के कारण हुए लॉक डाउन के समय तो इस रसोई के द्वारा किये गए कार्यों को लोगों ने खूब सराहा और जरूरतमंदों ने दिल से दुआएं दी क्योंकि जब सारे ठिकाने बंद थे तब यह गरीबों और भूखों के भरपेट भोजन का सबसे बड़ा सहारा थी और वो भी बिना किसी सरकारी या निजी सहायता के,पूरी तरह से निशुल्क सेवा की मिशाल ।

रात को कोई भी बेसहारा भूखा ना सोए इसके लिए माई की रसोई मददगार बनी हुई है साल के 365 दिन शाम को बेसहारो को भोजन कराने का क्रम 8 साल से अनवरत जारी है प्रतिदिन 60 से 70 बेसहारा लोग भरपेट भोजन कर चैन की नींद सो रहे हैं ।
रपटा घाट पर रहने वाले गरीबों की जरूरत को देखते हुए नर्मदा जन कल्याण समिति के सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से माई की रसोई की शुरुआत 28 दिसंबर 2012 को की गई थी प्रतिदिन 60 से 70 लोगों को खिचड़ी तैयार कर परोसकर भरपूर भोजन कराया जा रहा है यह क्रम साल के 365 दिन जारी रहता है माई की रसोई में प्रतिदिन तैयार होने वाली खिचड़ी 17 प्रकार के अनाज से बनती है खिचड़ी तैयार कर सदस्य शाम को रपटा घाट में नर्मदा की पूजा अर्चना करते हैं यहां जरूरतमंद के साथ अन्य लोग भी बैठकर भोजन करते हैं ।

28 दिसंबर 2020 को हुए 8 साल पूरे –

सन 2012 से अनवरत जारी इस रसोई में आज 8 साल पूरे कर लिए हैं खास बात यह है कि किसी भी तीज त्यौहार या अन्य मौकों पर भी यह रसोई कभी बंद नहीं हुई है इस रसोई में काम करने वाली समिति के सदस्य बताते हैं कि चाहे हमारे कितने भी जरूरी काम हो पर हम रसोई बंद नहीं होने देते विगत 8 वर्षों से हमारी रसोई से आज तक कोई भी भूखा नहीं लौटा है ना ही रसोई में कभी ताला लगा है ।

ये हुए आयोजन –

माई की रसोई के 8 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष पूजा-पाठ रसोई में की गई जिसमें सर्वप्रथम मां नर्मदा को पूजन अर्चन कर प्रसाद चढ़ाया गया तत्पश्चात शाम 6:00 बजे से भंडारा एवं महाप्रसाद का वितरण किया गया जिसमे कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रसाद वितरण किया गया.

पोषण से भरपूर है यहा की खिचड़ी –

माई की रसोई में परोसी जाने वाली खिचड़ी में पोषण का विशेष ध्यान रखा जाता है इसमें 17 प्रकार की सामग्री अनाज शामिल किए जाते हैं खिचड़ी में चावल मुंह आलू टमाटर धनिया 11 प्रकार के अनाज से शुद्ध घी का उपयोग कर माई की रसोई में खिचड़ी तैयार की जाती है प्रतिदिन रपटा घाट में शाम 7:00 से 8:00 के बीच बेसहारा जरूरतमंद गरीबों को माई की रसोई में खिचड़ी परोसी जाती है सदस्यों का कहना है कि मां नर्मदा के आशीर्वाद से यह निरंतर आगे भी जारी रखेंगे जिससे रेवा तट पर कोई भी भूखा ना सोए ।

Related posts

जिले में अब तक 987.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज

Reva India News

राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना

Reva India News

कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा 3 जनवरी को फसल ऋण प्रकरणों और जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक लेंगे

Reva India News

Leave a Comment