मण्डला। कलेक्टर ने जिले के सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए है कि ग्राम पंचायत को हस्तांतरित नल जल योजना जो कि ग्राम पंचायत द्वारा चलाई जा रही थी यहॉ की जो भी नल जल योजना विद्युत विच्छेद या विद्युत थ्री फेस न मिलने या फिर अन्य खराबियों के चलते बंद पडी हैं उन सभी नल जल योजना का तत्काल सुधारीकरण कराकर चालू कराई जाए ताकि स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। अगर इस कार्य में जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरतते हैं तो कार्यवाही की जाएगी। बात दें कि जिले में ग्राम पंचायतों के द्वारा संचालित नल.जल योजना का रख.रखाव एवं संधारण सरपंचए सचिव द्वारा किया जाना है। ग्राम पंचायत की अधीन नल.जल योजना की पूरी जबावदारी ग्राम पंचायतों की होती है। समय पर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करानाए समय.समय पर पानी का टेस्ट कराने के साथ हीए बोरिंगए मोटर आदि का मेन्टनेंस ग्राम पंचायत द्वारा किया जाना चाहिए। अगर इस दौरान किसी प्रकार की परेशानी का आती है तो सरपंच सचिव पीएचई कार्यालय में सम्पर्क कर मार्गदर्शन सहयोग ले सकते हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री केएस कुशरे ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के निर्देशन में पेयजल पूर्ति सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है जलस्त्रोतों में जो भी समस्या आ रही हैं। उसका तत्काल निराकरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में चल रही नल.जल योजनाओं पर निगरानी की जा रही हैं। वहीं नवीन योजनाओं का कार्य भी आरंभ किया गया है। हेण्डओवर हो चुकी नल.जल योजनाओं की भी देखभाल की जा रही है ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। जल.जीवन मिशन के तहत ग्रामों में घर.घर जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
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