मण्डला 24 जून 2021
रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर वर्चुअल संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें विधायक निवास डॉ. अशोक मर्सकोले, कलेक्टर हर्षिका सिंह, जिला पुरातत्व अधिकारी हेमंतिका शुक्ला, इतिहासकार शरद नारायण खरे, शिक्षक संजय सिंगौर एवं शक्ति पटैल सम्मिलित हुए।
संगोष्ठी के अवसर पर वक्ताओं द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन, शौर्य, कार्यशैली एवं प्रशासनिक तथा प्रबंधन दक्षता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। संगोष्ठी में विधायक निवास डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपने शासनकाल में सुशासन की स्थापना कर समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य किया है। उनके सुशासन से सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग से वीरांगना रानी दुर्गावती के राज्य में आर्थिक रूप से संपन्नता रही। उन्होंने कहा कि मंडला जिले के समग्र विकास के लिए वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन से प्रेरणादायक प्रसंगों से सीखते हुए जिले के विकास के लिए सम्मिलित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने जिले के प्राकृतिक संसाधनों का जिले के हित में उपयोग करने आव्हान किया।
इस अवसर पर कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रशासनिक क्षमता प्रेरणास्पद है। जिला प्रशासन द्वारा उनकी कार्यशैली से प्रेरणा लेकर जिले के विकास के लिए अनेक प्रयास किए जाएंगे। बलिदान दिवस का आयोजन कार्यशाला और संगोष्ठियों तक सीमित न रहे। उनके कार्यों से सीख लेकर जनकल्याण के कार्य करना होगा। इतिहासकार डॉ. शरद नारायण खरे ने कहा कि रानी दुर्गावती की शहादत एवं उनकी प्रशासनिक तथा प्रबंधन क्षमता से युवा पीढ़ी को सीखने की आवश्यकता है। शिक्षक संजय सिंगौर ने अपने संबोधन में वीरांगना रानी दुर्गावती के राज्य की संपन्नता के संबंध में जानकारी दी। शिक्षक शक्ति पटेल ने दुर्गावती के प्रशासन प्रबंधन, उनके शौर्य तथा युद्धकला आदि के बारे में अपने विचार रखे।
संगोष्ठी का संचालन करते हुए जिला पुरातत्व अधिकारी हेमंतिका शुक्ला ने कहा कि भारत के इतिहास में वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपने समय में नारी सशक्तिकरण की दिशा में अनुकरणीय कार्य किया है जो वर्तमान परिवेश में भी महिलाओं के विकास के लिए प्रासंगिक हैं।
