मण्डला 27 सितम्बर 2021
वैक्सीनेशन के महाभियान कोई न छूटे के तहत् जिले में वैक्सीन की प्रथम एवं द्वितीय डोज लगाई गई। गठित दलों द्वारा टीकाकरण केन्द्रों तथा घर-घर संपर्क के माध्यम से अब तक बचे हुए लोगों को प्रथम डोज लगाई गई। इसी प्रकार प्रथम डोज लगवा चुके उन लोगों को द्वितीय डोज लगाई गई जिनकी समयावधि पूर्ण हो चुकी थी। कलेक्टर हर्षिका सिंह के मार्गदर्शन में जिला स्तर से नियुक्त नोडल अधिकारियों के अतिरिक्त तहसील तथा विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों ने आवंटित क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए लोगों को वैक्सीनेशन के लिए मोबीलाईज किया।
वैक्सीनेशन के महाभियान के तहत् सुबह से ही टीकाकरण केन्द्रों में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपना वैक्सीनेशन कराया। टीकाकरण दलों द्वारा आवश्यकतानुसार बुजुर्ग, दिव्यांगजन तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को घर-घर जाकर टीका लगाया गया। इसी प्रकार कार्यरत् श्रमिकों को उनके कार्यस्थलों पर जाकर वैक्सीनेशन की कार्यवाही की गई।
नदी पार कर दुपटा पहुँची वैक्सीनेशन टीम
टीकाकरण दलों द्वारा चिन्हित व्यक्तियों तक पहुंच करते हुए उनका वैक्सीनेशन किया गया। वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित लोग की हाट-बाजार, खेत-खलिहान जहां पर भी होने की जानकारी प्राप्त हुई, दल के सदस्यों ने वहीं जाकर सहमति प्राप्त कर उनका वैक्सीनेशन किया। मोहगांव विकासखण्ड की टीम ने धनगांव से नदी पार कर दुपटा जाकर वैक्सीनेशन किया। वैक्सीनेशन के महाभियान के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं तथा राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने लोगों को प्रेरित कर टीकाकरण केन्द्रों तक मोबीलाईज किया। अनेक स्थानों में समाचार लिखे जाने तक टीकाकरण जारी है।
दूसरी डोज के लिए लोगों में खासा उत्साह
वैक्सीनेशन के महाभियान के दौरान द्वितीय डोज के लिए लोगों में खासा उत्साह परिलक्षित हुआ। जिला मुख्यालय के जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे 50 वर्षीय सरमन नंदा ने बताया कि उसने आज निर्धारित तिथि में अपनी द्वितीय डोज लगवाकर कोरोना से संपूर्ण सुरक्षा प्राप्त की। उसके परिवार के सभी लोगों ने अपना टीकाकरण कराया है। विक्रम डोंगरे तथा शैलेन्द्र खरे ने भी आज निर्धारित तिथि को अपना द्वितीय वैक्सीनेशन कराया। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन ही कोरोना से बचने का एकमात्र उपाय है इसलिए हमनें निर्धारित तिथि को अपना वैक्सीनेशन कराकर स्वयं को सुरक्षित किया है। पिपरिया निवासी 70 वर्षीय कोयली बाई ने समय पर द्वितीय डोज लगवाकर अन्य लोगों के लिये उदाहरण प्रस्तुत किया।
