मण्डला 8 अक्टूबर 2021
कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता तथा संबंधित विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए उन्नत तकनीक का प्रयोग आवश्यक है। कृषि कार्य में लागत् कम करने तथा उत्पादकता बढ़ाने के लिए विभागीय अमला समुचित मार्गदर्शन प्रदान करे। इस संबंध में उन्होंने पंचायत स्तर पर कृषि आधारित चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने एपीसी समीक्षा बैठक में कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करें। इसी प्रकार आगामी खरीफ एवं रबी के लिए कार्ययोजना तैयार रखें। बैठक में सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि किसानों को अंतरवर्तीय फसलों के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही उन्नत किस्म के बीज तथा जैविक खाद का उपयोग करने की समझाईश दें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में गेहूँ की फसल कम होती है वहाँ पर चना, मसूर तथा सरसों की फसल लगवाएं। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि बीज वितरण के लिए किसानों की भूमि तथा उपलब्ध संसाधन के अनुसार कार्ययोजना बनाएं। छोटे किसानों को बीज वितरण में प्राथमिकता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि बीज तथा यूरिया की गुणवत्ता की सतत् रूप से जाँच कराएं। अमानक पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें। ऐसी संस्थाओं के पंजीयन निरस्त करें। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों के लिए लगातार किसान क्रेडिट कार्ड का निर्माण जारी रखें। उन्होंने मत्स्य, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग को केसीसी बनाने में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अगले 20 दिनों में विशेष अभियान चलाकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाएं।
श्रीमती सिंह ने मत्स्य विभाग को निर्देशित किया कि मनरेगा एवं अन्य माध्यमों से बनाए गए तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा दें। साथ ही तालाबों की जीआई टैगिंग एक सप्ताह में करना सुनिश्चित करें। किसानों से मत्स्य पालन के संबंध में बात करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करें। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने नस्ल सुधार, बधियाकरण, पशु उपचार तथा टीकाकरण के लक्ष्य की पूर्ति करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में दुग्ध का संकलन बढ़ाने का प्रयास करें। कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि से रबी एवं खरीफ के लिए की गई कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने खरीफ मौसम के दौरान बोई जाने वाली विभिन्न फसलों की रकबेवार जानकारी ली। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों की मांग के अनुसार खाद-बीज उपलब्ध रखें। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग से मसाला क्षेत्र, सब्जी उत्पादन तथा फल उत्पादन के संबंध में रकबेवार जानकारी ली। उन्होंने जिले में संचालित रोपणी के तहत् किए गए कार्यों के बारे में पूछा।
