मण्डला 9 नवम्बर 2021
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि फसलों के अच्छे उत्पादन व उत्पादकता हेतु शुद्ध बीज का होना बहुत आवश्यक हैं। इस हेतु किसान भाई बीज विश्वसनीय रथान से खरीदें साथ ही पक्का बिल भी अवश्य लें जिन किसानों के पास स्वयं का बीज उपलब्ध है वो बीज साफ कर व छानकर बुवाई करें। बीज दर – अनुशंसित बीज दर का उपयोग करें (गेहूँ फसल 100 किलोग्राम प्रति हेक्टर, चना, मटर फसल 80 किलोग्राम प्रति हेक्टर)। बीज उपचार – बीज बुवाई के पूर्व फसलों का फफूंदनाशी से बीज उपचार अवश्य करें। चना फसल में उकटारोग से बचाव हेतु कार्बोक्सिनथायरम के मिश्रण 3 ग्राम प्रतिकिलो या ट्राईकोडर्माविरडी 5 ग्राम प्रतिकिलो के मान से इसके पश्चात् राईजोबियम एवं पी.एस.बी. कल्चर 5 ग्राम प्रतिकिलो के मान से उपयोग करें। खाद एवं उर्वरक – मृदा स्वास्थ्य स्वाई हेल्थ कार्ड की अनशंसित खाद, उर्वरक का उपयोग करें। गेहूँ एवं चना फसल में प्रति हेक्टेयर नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश की आवश्यकता होती है। 5 टन गोबर की खाद अथवा 2.5 टन वर्मी कम्पोस्ट का प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें। गेहूँ फसल सिचिंत हेतु 120 किलो नत्रजन, 60 किलो फास्फोरस 40 किलो पोटाश एवं 05 किलो जिंक गेहूँ फसल अर्द्धसिचिंत हेतु 90 किलो नत्रजन 60 किलो फास्फोरस 40 किलो पोटाश एवं 05 किलो जिंक। चना, मटर, मसूर फसल हेतु 20 किलो नत्रजन 60 किलो फास्फोरस 30 किलो पोटाश पोषक तत्व की सिफारिस मात्रा अनुसार प्रतिहेक्टेयर उर्वरकों का उपयोग किया जा सकता है। किसान डी.ए.पी सिफारिस की गई खाद की मात्रा उर्वरक की जगह एस.एस.पी (सिंगल सुपर फास्फेट) एवं एन.पी.के.(कॉम्पेलेक्स खाद) का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय या संबंधित क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
