मण्डला 25 नवम्बर 2021
कोविड-19 के संक्रमण से मृत्यु होने पर मृतक के वारसान को 50 हजार रूपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। ऐसी मृत्यु के प्रकरण जिनमें मृतक का कोरोना वायरस संक्रमित (कोविड पॉजीटिव) होना आरटीपीसीआर या रेपिड जांच अथवा अस्पताल या रोगी भर्ती सुविधा के दौरान चिकित्सकीय जांच में निर्धारित किया गया है। साथ ही मृत्यु ऐसी जांच की तिथि से 30 दिवस के भीतर हुई हो, भले ही मृत्यु किसी अस्पताल या रोगी भर्ती सुविधा के बाहर हुई हो, अनुग्रह राशि के लिए पात्र होंगे।
जहर से, दुर्घटना से, आत्महत्या या मानव हत्या को कोविड-19 से मृत्यु नहीं माना जायेगा भले ही मृतक मृत्यु के समय कोरोना वायरस से संक्रमित हो। ऐसे व्यक्तियों/शासकीय कर्मियों के वारिसानों को जिन्हें मुख्यंमत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना अथवा मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना का लाभ दिया गया है अथवा जो इन योजनाओं में लाभ लेने के लिये पात्र है, वह अनुग्रह राशि हेतु पात्र नहीं होगें। इसी प्रकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अन्तर्गत लागू बीमा योजना के अन्तर्गत सम्मिलित शासकीय कर्मी अनुग्रह राशि हेतु पात्र नहीं होंगे। कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु के लिए दी जाने वाली अनुग्रह राशि हेतु नियत तिथि की गणना कोविड-19 संक्रमण के देश में प्रथम प्रकरण के प्रकाश में आये जाने के दिनांक से होगी। अनुग्रह राशि का प्रावधान कोविड-19 संक्रमण को महामारी के रूप में अधिसूचना रद्द करने अथवा अनुग्रह राशि के संबंध में आगामी आदेश जो भी पहले हो, तक प्रचलित रहेगा। मृतक के पति/पत्नी (जैसी भी स्थिति हो) प्रथम हकदार होगें, के ना होने की स्थिति में अविवाहित विधिक संतान को अनुग्रह राशि प्राप्त करने की पात्रता होगी। उपरोक्त दोनों के न होने की स्थिति में माता-पिता भी अनुग्रह राशि के लिए पात्र होंगे। अनुग्रह राशि प्राप्त करने हेतु वारिसान या आवेदक (वारिसान के 18 वर्ष से कम उम्र के होने की स्थिति में वारिसान के अभिभावक) द्वारा निर्दिष्ट समस्त दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र परिशिष्ट-3 में जिला कलेक्टर को प्रस्तुत किया जायेगा।
