मण्डला। अंजनिया में स्थित वरदान आश्रम में विगत दिनों से अन्नपूर्णा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है यहॉ दूर-दाराज से श्रृद्धालु आश्रम आ रहे है। कथावाचक यज्ञाचार्य पं. नीलू महाराज ने बताया कि यह व्रत अगहन मास में 21 दिनों तक किए जाते हैं। इस माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी से यह व्रत महोत्सव प्रारंभ होता है। जिनका समापन अगहन माह की पूर्णिमा को होता है। समापन अवसर पर हवन पूजन के साथ प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके अलावा कई व्रतधारियों द्वारा पांच 11 तथा 17 तथा पांच दिन के व्रत भी अपनी सुविधा के अनुसार किए जाते हैं। अन्नपूर्णा महोत्सव एवं श्रीयंत्र अर्चन महोत्सव अगघन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी से प्रारंभ हुआ एवं अन्नपूर्ण महोत्सव का समापन अगघन माह की शुक्ल पक्ष को समापन होगा यह महोत्सव 27 दिनों तक चलता है। नीलू महाराज कहा कि कल्पवृक्ष एक पात्र मे अनाज भरके, पीपल की डाली बरगद की डाली अलोवेरा और धान की 17 बाली रखकर पूरे महोत्सव पर्यंत पूजन की जाती है पात्र के अन्न से श्री विद्या जयंती को भंडारा किया जाता है नित्य प्रति अलग अलग पदार्थो से, मेवा से, मिष्ठां पान एवं औषधियों से आर्चन किया जाता है साध्वी कल्पना माता जी 18 दिनों तक व्रत रखती हैं इस व्रत में पूजन अर्चन के बाद ही जल ग्रहण किया जाता है पूजन से पहले जल ग्रहण नही किया जा सकता वहीं पूजन के बाद केला से अर्चन किया गया। वहीं आज बुधवार को गुलाब के फूलों से अरचन किया जायेगा
