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1 जनवरी 2022 से होगा प्रधानमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के ’’स्किल-हब’’ का आरंभ

मण्डला 31 दिसम्बर 2021

नवीन शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश से चयनित जिले के 3 विद्यालय शास. कन्या उमावि बम्हनी बंजर, शास. उत्कृष्ट उमावि बीजाडांडी एवं शास. उमावि मोहगांव में व्यवसायिक शिक्षा के पायलट प्रोजेक्ट अंतर्गत ’’स्किल-हब’’ का शुभारंभ 1 जनवरी 2021 किया जा रहा है। कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर हर्षिका सिंह के द्वारा समिति के समस्त सदस्यों की जिला योजना भवन में मीटिंग आयोजित की गई जिसमें सुनीता बर्वे जिला शिक्षा अधिकारी, मुकेश पाण्डेय अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा (सेकेण्डरी एजुकेशन) जिला मण्डला, आर.के. हरदहा जिला व्यावसायिक समन्वयक, सुशील हरदहा प्राचार्य शासकीय कन्या उमावि बम्हनी बंजर मण्डला, नारायण भवेदी प्राचार्य शासकीय उत्कृट उमावि मोहगांव, अर्चना नेमा प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट उमावि बीजाडांडी, डी.के. जैन जिला श्रम विभाग मण्डला, कृति सिंघाई जिला कौशल विकास मिशन जिला मण्डला उपस्थित रहे। प्राचार्य द्वारा ड्रापआऊट विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि स्किल हब कार्यक्रम के शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाये। स्किल हब के संचालन के पूर्व से समापन तक संपूर्ण कार्यक्रम की डॉक्यूमेन्ट्री तैयार करायें। हितग्राही का चयन निर्धारित मापदण्डों के आधार पर किया जाये। प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त सामग्री, कक्ष, पेयजल, बिजली, इन्टरनेट की सुविधाएं उपलब्ध करायें। सरकार द्वारा निर्धारित अग्नि सुरक्षा मापदण्डों का पालन किया जाये। कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन किया जाये। स्किल-हब प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का ही भाग है। यह प्रशिक्षण स्कूल न जाने वाली बाहरी बच्चों के लिए किया जाएगा।

प्रत्येक कौशल हब विद्यालयों में प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 20 प्रशिक्षणार्थियों का चयन 29 दिसंबर तक करना सुनिश्चित करें तथा सूची भेजें। प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से ली जाए जो कि प्रशिक्षण का अनिवार्य भाग है परंतु कोविड-19 के निर्देशों के कारण बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग ना करते हुए उसके उचित विकल्प सार्थक ऐप द्वारा उपस्थिति दर्ज करायें। प्रत्येक बैच का आकार भी से 40 प्रशिक्षणार्थियों का होगा। निर्धारित राशि का विवाह उसी के हिसाब से किया जाएगा राशि का बटन दो किस्तों में किया जाएगा। प्रशिक्षणार्थियों के नामांकन पर 60 प्रतिशत एवं प्रशिक्षणार्थियों के प्रमाणीकरण पर 40 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा। जिला स्तर पर विभिन्न व्यवसायों व्यापारियों की मांग के बारे में स्कूल छोड़ने वाले स्कूली बच्चों के बीच जागरूकता पैदा कर उन्हें इसके लहद में प्रशिक्षण हेतु प्रोत्साहित करें तथा स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के लिए मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र आयोजित करायें। स्थानीय कला शिल्प और रोजगार के अवसर में कौशल प्रशिक्षण हेतु जिले के विभिन्न शासकीय विभागों उद्योग और कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करें। जिला स्तर पर कैरियर एवं जॉब एग्जीबिशन के माध्यम से कुशल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएं। उपरोक्त समिति के सदस्य विद्यालय के बाहर के बच्चों को प्रोत्साहित करके प्रशिक्षण हेतु केंद्र पर लाएं जिससे अधिक से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण का लाभ व भविष्य में रोजगार व स्वरोजगार में सहायता मिल सके। समिति के समस्त सदस्य प्रशिक्षण पर मूलता निगरानी रखते हुए प्रशिक्षण को सफल बनाएं।

हितग्राही का चयन- विद्यालय शिक्षा में विद्यालय से ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को इसके अभाव में व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जाना है। इस प्रशिक्षण हेतु छात्र का आठवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। प्रशिक्षणार्थियों की उम्र 1 जनवरी 2022 को 15 से 29 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। 3 से 4 वर्ष पूर्व के कक्षा नौवीं के बाद अथवा कक्षा 10वीं फेल शाला त्यागी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा सकता है। शाला में उपलब्ध जानकारी आधार पर विद्यार्थियों की सूची तैयार करें। यह प्रशिक्षण निःशुल्क है। प्रशिक्षण का सही ढंग से प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को इस प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त हो सके। इस हेतु काउंसलिंग पंपलेट फ्लेक्स समाचार पत्र आदि उचित माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाना सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण हेतु कम से कम 20 से 40 छात्रों का प्रवेश आवश्यक है। प्रशिक्षण की अवधि 6 माह की है। विद्यालय में दर्ज विद्यार्थियों को भी उनके ग्राम के अन्य बालक बालिकाओं को सूचित करने हेतु निर्देशित करें। त्यागी छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। योजना में प्रशिक्षण विद्यालय में पूर्व से उपस्थित व्यवसायिक शिक्षा के माध्यम से किया जा सकता है अथवा अन्य की व्यवस्था की जा सकती है।

जिला शिक्षा अधिकारी के कार्य- जिले के चयनित तीन कौशल हक विद्यालयों के प्राचार्य सुनिश्चित करें कि विद्यालय के उपरांत व्यवसायिक प्रशिक्षण के साथ आवश्यकता अनुसार विद्यालय के एक अन्य शिक्षक, चौंकीदार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित करायें। वेबसाइट प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को उच्च गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रदान किया जाना प्रचार्यों के माध्यम से सुनिश्चित कराएं। प्रशिक्षण में होने वाले व्यय की निगरानी रखें। यह सुनिश्चित करें कि विद्यालयों के संसाधनों का उचित उपयोग हो। लैब की उपकरणों की तिमाही प्रगति रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रशिक्षक की जियो टैगिंग और योजना का ऑडिट किया जाना होगा। योजना की मॉनिटरिंग सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से भी की जाएगी। विशिष्ट मामलों में जहां विसंगतियां पाई जाएंगी वहां पर भौतिक निरीक्षण भी किया जा सकेगा। कार्यान्वयन एजेंसी समन्वयक करने वाली एजेंसी को समय-समय पर प्रगति और मूल्यांकन रिपोर्ट भेजनी होगी।

प्राचार्य के कार्य – प्राचार्य व्यवसायिक प्रयोगशाला में स्थापित उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं निरंतरता सुनिश्चित करेंगे। विद्यालय में निर्बाध रूप से बिजली की व्यवस्था तथा इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करेंगे। प्राचार्य कौशल हब के लिए एसएसडीएम, एनएसडीसी, डीएससी और बीटीपी के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। प्राचार्य कौशल प्रशिक्षण के लिए वीटीपी क्वालिटी को प्रशासनिक सहायता प्रदान करेंगे। विद्यालय समय पश्चात विद्यालय स्टॉफ से किसी एक शिक्षक चौकीदारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के उपस्थित आवश्यक रूप से उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।

व्यायवसायिक ट्रेनिंग पार्टनर एवं व्यावसायिक शिक्षक के कार्य- वीटीपी, एनएसडीसी द्वारा कौशल हब के संचालन हेतु समय-समय पर दिए गए आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। एनएसडीसी से प्राप्त विषय वस्तु एवं पाठ्यक्रम को प्रशिक्षणार्थियों को वितरित कराना सुनिश्चित करें। योजना का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से गुणवत्ता पूर्वक किया जाना सुनिश्चित करें। प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति रिकॉर्ड फोटो जियो टैगिंग के साथ संधारण करें। जिले के कौशल विशेषज्ञों की जानकारी एवं उनका संपर्क विवरण विद्यालय में सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण योजनाओं का डिजाइन विकसित करें। सहायक सामग्री, होमवर्क, असाइनमेंट, डिजिटल संसाधनों सहित अध्ययन गाइड आदि का प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण में उपयोग करें। प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण की प्रगति का समय समय पर मूल्यांकन करें। प्रशिक्षणार्थियों से उनकी प्रगति के संबंध में चर्चा करें एवं उचित मार्गदर्शन प्रदान करें। प्रशिक्षणार्थियों को संबंधित कौशल में कैरियर में मार्गदर्शन प्रदान करें। भारत सरकार के नियमानुसार कौशल हब विद्यालय के प्रयोगशाला एवं कक्षा में स्थापित उपकरणों की क्षति का संपूर्ण दायित्व वीटीपी का होगा तथा उसकी प्रतिपूर्ति वीटीपी से ही की जाएगी। वीटीपी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण से संबंधित प्रतिदिन की गतिविधियों के डेटाबेस का संधारण किया जाए।

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