मंडला- कल दिनांक 3/01/ 2021 को त्रि स्तरीय पंचायती राज संगठन मंडला जनपद के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महामहिम राज्यपाल के नाम स्थानीय जिला कलेक्टर में एडीएम को ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने मांग की की पंचायती राज में जिला पंचायत जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आचार संहिता पूर्व मध्यप्रदेश पंचायती राज संचनालय द्वारा गठित की गई प्रशाश्कीय समिति प्रभाव में थी । उन्ही प्रशाश्कीय समितियों को पुनः अधिकार दिए जावे और जब तक पंचायती राज के चुनाव नही हो जाते उन्ही के प्रभार में जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तरों पर संचालन कराया जावे। पंचायती राज प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका कार्यकाल 2015 से शुरू हुआ था जो कि 2020 मैं समाप्त हो रहा था पूर्व की कमलनाथ सरकार में न केवल पंचायतों का परिसीमन कराया बल्कि रोटेशन की व्यवस्था के अनुसार आरक्षण भी कराया था लेकिन चुनाव लेट हो जाने के कारण तीनों स्तरों पर प्रशासकीय समिति का गठन कर के पूर्व में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों कोही प्रभार सौंपा था बाद में सरकार गिर जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान जी के मुख्यमंत्री बनने के उपरांत उन्होंने भी इन्हीं प्रसाद की समितियों के हाथ से पंचायत का संचालन कराया एवं कोविड-19 विकराल महामारी के दौर में पंचायती राज प्रतिनिधियों के माध्यम से कोविड की विकराल महामारी के प्रथम दौर के दौरान पंचायत स्तर पर कंटेनमेंट जोन बनाने से लेकर , मरीजो की देखभाल एवं अन्न के वितरण का कार्यक्रम भी संपन्न कराया था । जिसका इन्हीं प्रशासकीय समितियो ने पूरी निष्ठा के साथ पालन किया। कोविड महामारी के दूसरी लहर के दौरान भी इन्ही पंचायत प्रतिनिधियो ने पूरी सेवा दी, जिस टीकाकरण के कार्यक्रम पर राज्य सरकार देश मे अपना स्थान बना रही है वह भी इन्ही पंचायती राज प्रतिनिधियो के द्वारा ही संभव हो पाया है। बाद में राज्य सरकार के द्वारा ही उटपटांग अध्यादेश लाकर जिसमे 2014 का ही आरक्षण लागू था चुनाव को निर्वाचन आयोग द्वारा सम्पन्न कराने हेतु आदेश जारी किए गए , और बाद में खुद ओबीसी आरक्षण नही होने के कारण अपने ही अध्यादेश को रद्द कर दिया गया , जबकि चुनाव प्रत्याशियों के न केवल फार्म भराये जा चुके थे वरन उनको चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो गए थे। इससे पंचायत प्रतिनिधि बहुत आहत है। अब जबकि चुनाव निरस्त कर दिए गए हैं और चुणाव आयोग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की लगभग साडे पांच करोड़ लोगों की वोटर लिस्ट भी जारी कर दी गई है कुछ मुट्ठी भर , सरकारी कर्मचारी ही पंचायतों का संचालन कर रहे है, जबकि जनता अभी भी पंचायती राज प्रतिनिधियो के पास भटक रही है, ऐसे में महामहिम राज्य पाल से त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रतिनिधियो के द्वारा मांग की गई है कि , जिला पंचायत , जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर पूर्व की सरकारों द्वरा गठित प्रशकीय समिति का पुनः गठन किया जाए।
आगामी रणनीति के अनुसार पूरे जिले में जनपद स्तर पर पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा और बाद में पूरे जिले के पंच, उपसरपंच,सरपंच, जनपद सदस्य जिला पंचायत सदस्य एवम अध्यक्ष उपाध्यक्ष जिला मुख्यालय में इकट्ठे होकर प्रशाशन के सामने अपनी मांग रखेने फिर आगे की रणनीति बनाई जावेगी।
