मण्डला 26 फरवरी 2022
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की बेहतरी को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण करें। श्रीमती सिंह ने बैठक में एएनसी रजिस्ट्रेशन, ब्लॉकवार गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, संस्थागत प्रसव, मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, जननी सुरक्षा योजना एवं अन्य विषयों की पीपीटी के आधार पर समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ रानी बाटड, सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह, सिविल सर्जन श्री शाक्य, सहायक संचालक महिला बाल विकास विभाग रोहित बड़कुल, बीएमओ, सीडीपीओ एवं संबंधित उपस्थित थे।
कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह को निर्देशित किया कि ब्लॉक स्तर पर गर्भवती महिलाओं का गंभीरतापूर्वक चिन्हांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एएनसी रजिस्ट्रेशन का कार्य सतत् रूप से जारी रखें। उन्होंने सभी बीएमओ एवं सीडीपीओ को समन्वय बनाते हुए गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन, एएनसी रजिस्ट्रेशन, मातृ मृत्यु, संस्थागत प्रसव, शिशु मृत्यु, शिशु जन्म आदि के आंकड़े सटीक रूप से संधारित करने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने सभी बीएमओ को निर्देशित किया कि निचले अमले से समन्वय बनाते हुए आंकड़ों का संधारण करें। साथ ही ऑनलाईन एंट्री भी सुनिश्चित करें।
तकनीकी दक्षता के लिए प्रशिक्षण दें
कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह को निर्देशित किया डाटा फीडिंग का कार्य सतत एवं गंभीरतापूर्वक पूरा करें। उन्होंने मैदानी अमले को डाटा फीडिंग के कार्य में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने कहा कि सीएमएचओ जल्द मैदानी अमले को तकनीकि रूप से दक्ष करने एवं ऑनलाईन पोर्टल एंट्री से संबंधित प्रशिक्षण के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के संबंधित मंडला जिले की रैकिंग के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामले में होगी जिम्मेदारी तय
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने ब्लॉकवार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीएमओ से उनके क्षेत्र की मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की आंकड़ेवार जानकारी लेते हुए कारण जाने। उन्होंने कहा कि मैदानी अमला मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामले को अत्यंत गंभीरता से लें। उन्होंने क्षेत्र में होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु के कारणों की वास्तविकता जानी। श्रीमती सिंह ने कहा कि यदि किसी मैदानी अमले की लापरवाही की वजह से मातृ एवं शिशु मृत्यु होती है तो ऐसे व्यक्तियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने बैठक में सभी बीएमओ को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र के सीएचसी, पीएचसी एवं एसएचसी का सतत भ्रमण करें। सीएमएचओ सभी बीएमओ का दौरा कार्यक्रम निर्धारित करते हुए मॉनिटरिंग करेंगे। सभी सीडीपीओ अपने क्षेत्र के बीएमओ के साथ दौरा करेंगे। बैठक में कलेक्टर ने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर शिविर भी आयोजित करें। इसी प्रकार उन्होंने एएनसी रजिस्ट्रेशन, एचआरपीडब्ल्यू चिन्हांकन को इम्प्रूव करने के निर्देश दिए।
3 से 10 मार्च तक गर्भवती माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराएं
कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि आगामी 3 से 10 मार्च तक गर्भवती माताओं के संपूर्ण स्वास्थ्य चैकअप के लिए अभियान चलाएं। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने बैठक में एनीमिया, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, कुपोषण सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत किए जाने वाले भुगतान को शतप्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
