मण्डला 7 मार्च 2022
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के समारोह में खुशी महिला आजीविका संकुल स्तरीय संगठन निवास को राज्य स्तरीय पुरूस्कार से सम्मानित किया जाएगा। संकुल स्तरीय संगठन की अध्यक्ष सुहागा बाई एवं सचिव जानकी बाई तथा कोषाध्यक्ष हेमलता झारिया पुरस्कृत होंगी।
खुशी महिला आजीविका संकुल स्तरीय संगठन के द्वारा लोक अधिकार केन्द्र का संचालन वर्ष 2017 से किया जा रहा है। संकुल संगठन के द्वारा सामाजिक सुरक्षा अतंर्गत महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के समारोह राज्य स्तरीय पुरूस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। लोक अधिकार केन्द्र द्वारा किये गये उत्कृष्ठ कार्य अनुसार संकुल स्तरीय संगठन द्वारा ग्राम तौरी में समाज में परिवार को मुक्त कराया गया। ग्राम तौरी में किसी भी परिवार को समाज से बहिष्कृत नहीं किया जाता ना ही आर्थिक दण्ड लिया जाता है। पूर्व में समाज से बहिष्कृत परिवार से 10 हजार रूपये दण्ड का प्रावधान था। परन्तु संकुल स्तरीय संगठन के प्रयास से इस प्रथा को बंद किया गया। संकुल संगठन की दीदियों ने कोविड काल में पूरे ब्लॉक में जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ 10,507 मॉस्क, 47 लीटर सेनेटाईजर, समस्त ग्रामों में प्रदाय किया। साथ ही समस्त विभागों में भी सप्लाई किया। कुपोषण एवं ऐनमिक महिलाओं के लिए संकुल स्तरीय संगठन के द्वारा मुनगा कैंपन एवं पोषण वाटिका से महिलाओं को जोड़ा गया, जिसमें 75 परिवार के यहाँ मुनगा पौधारोपण एवं 86 परिवार के यहाँ पर पोषण वाटिका का निर्माण किया गया। सभी को मुनगा की पत्तियों का पाउडर प्रतिदिन भोजन के साथ खाने के लिए प्रेरित किया गया। जेंडर समनता पर संकुल स्तरीय संगठन द्वारा कार्य किया गया जिसके अन्तर्गत महिलाओं को जमीनी हक दिलवाने के लिए परिवारों से संपर्क किया जिसके प्रयास से अब महिलाएं एवं उनका परिवार महिलाओं के नाम पर जमीन करने हेतु आवेदन कर रहे हैं और 146 परिवार ऐसे हैं जिनमें पुरूषों द्वारा घरेलू कार्य में सहयोग के साथ साथ महिलाओं को घर से बाहर काम करने की आजादी दी गई। संकुल स्तरीय संगठन द्वारा लोक अधिकार केन्द्र का संचालन किया जा रहा हैं। यह मध्यप्रदेश पहला लोक अधिकार केन्द्र हैं जिसका संचालन पूर्णरूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है जिसमें महिलाओं की समस्या दीदीयों के द्वारा आसानी से सुलझाई जाती है। यह एक ऐसा मंच हैं जिसमें ग्रामीणों को अपनी बात रखने और विभागों तक पहुच बनाने का असान रास्ता प्रदान करता है जिसमें अब तक कुल 507 प्रकरण आए हैं निराकरण 345 का हुआ है। 107 विभागों में लगे हुये हैं। 55 हितग्राहियों के दस्तावेज अधूरे होने के कारण वापस किये जा चुके हैं। संकुल स्तरीय संगठन द्वारा शाला त्यागी 16 बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलवाया। किशोरी समूह 6 बनाये गये जिनमें सेनेटरी नेपकिन का उपयोग और भविष्य में होने वाले रोगों से बचाव कैसे हो सकता है। जागरूकता कार्यक्रम कर जानकारी दी गई। साथ ही पोषण आहार पर चौरंगी थाली का उपयोग कैसे करना है ? जानकारी दी गई। जैविक खेती एवं किसान जागरूकता कार्यक्रम कर किसानों को जानकारी देना। महिला किसानों को प्राथमिकता में शामिल किया गया। एक ग्राम में नशा मुक्ति हेतु आभियान चलाया गया जिन परिवारों द्वारा शराब बनाई जा रही थी उन पर रोक लगाई। संकुल स्तरीय संगठन द्वारा सिलाई सेंटर चलाया जा रहा है जिसमें 153 महिलाएं कार्यरत हैं। इनके द्वारा स्कुल डेस निर्माण किया जा रहा है।
भविष्य की योजना
खुशी संकुल स्तरीय संगठन भविष्य में यह चाहता है कि समूह के प्रत्येक दीदी के घर और जमीनों में उनका नाम भी जुड़े। ग्राम की प्रत्येक दीदियों के पास उनका अपना छोटा रोजगार हो, जिससे अपनी परिवार की रोजी रोटी चला पायें और दूसरों पर उनकी निर्भरता न हो। समूह की प्रत्येक दीदी चौरंगी थाली का भोजन ग्रहण करें जिससे सभी स्वस्थ्य हों। अस्पतालों में दीदियों की निर्भरता कम हो। संकुल स्तरीय संगठन की अपनी कामों से पहचान हो जिससे दूसरे जिले प्रभावित हो और लोग देखने आएं कि कैसे हमारा खुशी संकुल स्तरीय संगठन काम करता है।
