मण्डला 22 अप्रैल 2022
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि 25 अप्रैल 2022 को ’’विश्व मलेरिया दिवस’’ के अवसर पर जन जागरुकता के लिए जानकारी व एडवाइजरी जारी की गई है। वर्तमान में पूरे विश्व में लगभग 106 देशों की जनसंख्या में लगभग 3.3 अरब जनसंख्या मलेरिया प्रभावित है। मलेरिया रोग के नियंत्रण, उन्मूलन एवं जन जागरुकता हेतु वैश्विक स्तर पर विश्व मलेरिया दिवस मनाने की शुरुवात 25 अप्रैल 2007 से की गई है। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को ’’विश्व मलेरिया दिवस’’ के रुप में मनाया जाता है। इसमें आवश्यक है कि हम मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी को लेकर जागरुक रहें। इस वर्ष का विश्व मलेरिया दिवस की थीम ’’ Innovation of Malaria Elimination in India’’ अर्थात नवाचार के माध्यम से मलेरिया का उन्मूलन करना। जन जागरुकता एवं जनसमुदाय की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से इस बीमारी पर विजय पाया जा सकता है। मलेरिया एक परजीवी के कारण होता है।
विश्व में हजारों प्रकार के मच्छर पाये जाते हैं, जो बहुत से वायरस एवं परजीवी के वाहक होेते हैं एवं अनेक प्रकार की बीमारियों को फैलाने का कार्य करते हैं। प्रत्येक मच्छर के प्रकार के आधार पर इनका स्वभाव एवं व्यवहार समय एवं वातावरण के आधार पर अलग-अलग होता है। मच्छरों की, मनुष्य एवं जानवरों को काटने की प्राथमिकता भी अलग-अलग होती है। कुछ मच्छर दिन में काटते हैं, तो कुछ रात में, कुछ सायं के झुरपुटे वातावरण में। इनमें से मादा एनाफिलीज मच्छर मलेरिया परजीवी को फैलाने का कार्य करता है। मलेरिया परजीवी भारत में मुख्यतः दो प्रकार के पाये जाते हैं – प्लाज्मोडियम वाइवेक्स एवं प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम, जिसे मस्तिष्क ज्वर मलेरिया परजीवी के नाम से भी जाना जाता है। जो सर्वाधिक खतरनाक होता है। एनाफिलीज मच्छर की विश्व में 58 से भी ज्यादा प्रजातियॉ पाई जाती हैं। मादा एनाफिलीज को नाईट बाइटिंग मच्छर भी कहा जाता है, जो सामान्यतः सायं एवं भोर बेला के बीच काटता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में अंडे देता है। अंडे से मच्छर 9 से 11 दिवस में बन जाता है। अतः यह आवश्यक है कि घरों के आस-पास सफाई रखें। अनावश्यक पानी जमा न होने दें। घरों की छत पर रखें अनुपयोगी वस्तुएं जैसे डब्बे, फूलदान, टायर, बर्तन इत्यादि की सफाई करें, उन्हें इस प्रकार रखें कि उनमें पानी जमा न हो पाये। पानी के बर्तन ढक्कर रखें। यह आवश्यक है कि सोने के लिए हम मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में मच्छर निरोधक जालियाँ, मच्छर निरोधी क्रीम, क्वाईल का उपयोग करें। अपने घरों में मच्छर निरोधक पौधे जैसे लेमन ग्रास, लहसुन, लेवेण्डर, गेंदा, तुलसी, सिट्रोनेला इत्यादि लगावें। इस वर्ष अभी तक मण्डला जिले में मलेरिया के केस निरंक हैं। जैसा कि आपको विदित है कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। अतः बुखार आने पर तत्काल खून की जाँच कराऐं और अगर जाँच में मलेरिया पॉजिटिव निकलता है तो चिकित्सक, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा द्वारा दिये गये पूर्ण उपचार लें। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आमजन, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि और मीडिया को यह संदेश है कि जनसमुदाय की सक्रिय सहभागिता, स्वच्छता ही मलेरिया नियंत्रण की कुंजी है।
