मंडला घूघरी ग्रामीण रोहित मानिकपुरी ने कियोस्क सेंटर की संचालक पर अपने खाते से 3000 हजार रुपए निकाले जाने का आरोप लगाया है। हालांकि कियोस्क संचालक ने इससे इनकार किया है। मामले की जांच स्थानीय पुलिस के द्वारा किया जा रहा हैं मामला घुघरी स्थित फीनो पेमेंट बैंक कियोस्क सेंटर का है। घटना की जांच कर रहे घुघरी थाने के एसआई देव दही करें से घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई तब उन्होंने बताया कि फिनो पेमेंट बैंक संचालक के ऊपर लगाया गया आरोप प्रथम जांच दृष्टिकोण से पूर्णता निराधार है जिसकी पुष्टि के बैंक मैनेजर द्वारा की गई है कि खाता धारक रोहित मानिकपुरी के खाते से दिनांक 15 जनवरी 2023 को 3000 हजार रुपए के 2 ट्रांजैक्शन हुए हैं जो कि दोनों अलग-अलग समय पर हुए हैं और दोनों ट्रांजैक्शन अलग-अलग आईडी से ही हुए हैं जिससे यह पता चलता है कि आरोप करता द्वारा पूर्णता गलत है कि एक ही आईडी से उसका पैसा निकला है
पुलिस ने माना कि फीनो पेमेंट बैंक कियोस्क संचालक चंदन बघेल आरोप निराधार है
पूरा मामला:घुघरी विकासखंड के ग्राम खम्हरिया निवासी रोहित मानिकपुरी के अनुसार खाते में पैसे जमा हुए पैसे को निकालने के लिए फीनो पेमेंट बैंक कियोस्क सेंटर जा कर 3000 हजार रुपए निकाले गए और उसी दिन किसी अन्य कियोस्क पर से जाकर 3000 निकाले गये जिसका आरोप फीनो पेमेंट बैंक कियोस्क संचालक चंदन बघेल पर लगा दिया गया जबकि खातेदार का आरोप निराधार है खातेदार रोहित मानिकपुरी जब उसे दोबारा पैसों की आवश्यकता पड़ी तो वह स्टेट बैंक ग्राहक सेवा केन्द्र गया तब वहां से उसने रशीद निकलवाया तो उसको पता चला कि पैसे कम है जबकि उसने तो निकलवाए नहीं है फिर वो स्टेट बैंक मंडला जाकर उसने पासबुक में एंट्री कराई तब उसने देखा और उसके बाद वो फीनो पेमेंट बैंक में कार्यरत कर्मचारी चंदन बघेल से पूछा की ये 3000 रुपये कहां है जबकि ये पैसे तो मैनें निकाले ही नहीं है चंदन बघेल के द्वारा बैंक स्टेटमेंट की जानकारी ली गई तब पता चला कि उसने कहीं और से पैसे निकाले हैं जिसका आरोप मुझ पर लगा दिया गया जो निराधार है
चंदन बघेल ने इंसानियत का परिचय देते हुए स्थानीय पुलिस के कहने पर खातेदार ग्राम खम्हरिया निवासी रोहित मानिकपुरी गरीबी स्थिति देखते हुए 3000 जो खाते से निकाला भी नहीं गया है उसे पुलिस प्रशासन द्वारा पंचनामा बनाकर खाताधारक रोहित मानिकपुरी को ₹3000 वापस कर दिया गया. और पंचनामा जिस पर खाता धारक के रोहित मानिकपुरी के हस्ताक्षर और कियोस्क संचालक चंदन बघेल के हस्ताक्षर साथ ही 2 गवाहों के भी हस्ताक्षर लिए गए थे,
इस मामले में झोलाछाप पत्रकार ने अपनी जेब गर्म करनी चाहि,
