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रेवा इंडिया न्यूज मुख्य समाचार मंडला 25 अगस्त 2024

श्रीकृष्ण के जीवन से हमें सत्य धर्म और न्याय के मार्ग में चलने की प्रेरणा मिलती है – मंत्री श्रीमती संपतिया उइके

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाना हमारे देश की प्राचीन परंपरा रही है – सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते

उच्चतर माध्यमिक सरस्वती शिशु मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व गरिमामय ढंग से मनाया गया

श्रीकृष्ण पर्व पर शैली धोपे ने नृत्य नाटिका तथा संजो बघेल ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किए

 

मंडला 25 अगस्त 2024

प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में सत्य और धर्म की रक्षा के लिए युद्ध किया था। श्रीकृष्ण के जीवन से हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग में चलने की प्रेरणा मिलती है। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म से लेकर विभिन्न कलाओं को प्रदर्शित करने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा तीन दिवसीय श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किया जा रहा है, जो हमारी प्राचीन परंपरा रही है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके शनिवार को सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंडला में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके और सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री भीष्म द्विवेदी, नगर पालिका मंडला अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा, अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र सिंह सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के कलाकारों के द्वारा विभिन्न कार्यक्रम हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की। आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रीकृष्ण नृत्य नाटिका शैली धोपे एवं साथी जबलपुर तथा भक्ति संगीत संजो बघेल एवं साथी जबलपुर के द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जन समुदाय का मन मोह लिया। तालियों की गड़गड़ाहट से संपूर्ण कार्यक्रम स्थल गूंज उठा।

मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने आयोजित कार्यक्रम को संस्कृति विभाग के कलाकारों की प्रसंशा करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न कलाओं को रंगमंच के माध्यम से बेहतर रूप से प्रदर्शित किया है। उन्होंने इसके लिए संस्कृति विभाग के कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व का कार्यक्रम प्रदेश के 16 जिलों में प्रमुख रूप से आयोजित किया जा रहा है जिसमें मंडला जिले को भी शामिल किया गया है, जो हमारे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया। उज्जैन के संदीपनी आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने समाज को गीता का ज्ञान देते हुए कहा कि मनुष्य को हमेशा कर्म करते रहना चाहिए फल की चिंता नहीं करना चाहिए। मनुष्य को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है जिससे उसके बेहतर भविष्य का निर्माण होता है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने बताया कि प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के पवित्र स्थानों को विकसित करने का संकल्प को पूरा करेगी। जिससे श्रद्धालुजन भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के इन पवित्र स्थानों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।

सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का पर्व भारत वर्ष में प्राचीन परंपरा रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर युवाओं और छात्र-छात्राओं के द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस भव्य कार्यक्रम को विभिन्न कलाओं के माध्यम से संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के द्वारा यह उत्सव मनाया जा रहा है, जो प्रेरणादायक है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे विश्व में गरिमापूर्वक मनाया जाए इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। सरकार के द्वारा तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है जिसमें श्रीकृष्ण के विभिन्न लीलाओं और कलाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि संस्कृति विभाग के कलाकारों के द्वारा श्रीकृष्ण की जीवन पर आधारित विभिन्न लीलाओं और कलाओं को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है जो अत्यधिक प्रशंसनीय है। उन्होंने सभी से अपील की है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाए। आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, नगरपालिका मंडला अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री भीष्म द्विवेदी, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा और विनायक रामचंद्र जी ताम्बे को श्रीकृष्ण स्मृति चिन्ह भेंट की गई। कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग म.प्र. शासन, जिला प्रशासन, रानी दुर्गावती समिति और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर मंडला के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

 

 

 

 

 

 

भुआ बिछिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई

एसडीएम हुनेन्द्र घोरमारे के निर्देशन में श्रीकृष्ण मंदिर और राम मंदिर में कार्यक्रम संपन्न हुए

 

मंडला 25 अगस्त 2024

कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशन और एसडीएम बिछिया श्री हुनेन्द्र घोरमारे के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर भुआबिछिया में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसडीएम श्री हुनेन्द्र घोरमारे के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। नगर परिषद भुआबिछिया के वार्ड क्रमांक 12 जंतीपुर में स्थित श्रीकृष्ण मंदिर एवं वार्ड क्रमांक 14 में श्रीराम मंदिर में दीप प्रज्वलन एवं रोशनी तथा झालर से सजावट किया गया। सरस्वती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछिया में श्रीकृष्ण कन्हैया जी की लीलाओं पर आधारित विभिन्न मनमोहक कार्यक्रम संपन्न हुए। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर छात्र-छात्राओं के द्वारा श्रीकृष्ण के विभिन्न कलाओं से संबंधित प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर तहसीलदार भुआबिछिया श्री दिनेश वरकड़े, बीआरसी भुआबिछिया, प्राचार्य सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुआबिछिया सहित गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

तहसील निवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे

 

मंडला 25 अगस्त 2024

तहसीलदार निवास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में तहसील निवास के अंतर्गत 26, 27 और 28 अगस्त को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसके तहत 26 अगस्त को यज्ञ शाला मंदिर रसलगंज आमाडोंगरी और सरस्वती शिशु मंदिर रसलगंज आमाडोंगरी में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। खैरमाई माता मंदिर निवास में मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित होगी। 27 अगस्त को कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला निवास में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा 28 अगस्त को सेंट एंजिल हाईस्कूल निवास गज्जूदेवरी में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न किए जाएंगे।

 

 

 

 

 

 

 

 

भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश हर युग में प्रासंगिक और प्रेरणादायी

 

मण्डला 25 अगस्त 2024

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन धर्म, जाति, व्यक्ति एवं लिंग से बहुत ऊपर है। लोक मान्यता है कि गुणातीत देवकीनंदन श्रीकृष्ण का अवतरण जन्माष्टमी के दिन हुआ। यह पावन संयोग है कि विष्णु जी के अष्टम अवतार श्रीकृष्ण माता देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में अष्टमी तिथि को अवतरित हुए। जन्माष्टमी के पावन अवसर की प्रतीक्षा कर रहे भारत सहित दुनिया के कई देशों में बसे कृष्ण भक्तों में आनन्द और हर्षोल्लास है। द्वापर युग में आसुरी शक्तियों के अधर्म, अन्याय, पापाचार, अनाचार का प्रभाव चरम पर था। धर्म की रक्षा और अधर्मियों का नाश करने स्वयं भगवान को श्रीकृष्ण स्वरूप में पृथ्वी पर आना पड़ा। उन्होंने समस्त संसार को पाप, अधर्म, अत्याचार से मुक्त कर धर्म की संस्थापना की।

नन्हें कान्हा से योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण बनने की जीवन यात्रा में घनश्याम श्रीकृष्ण ने मनुष्य की भांति जीवन की अनेक बाधाएं, संघर्ष, दुःख, कष्ट, अपमान तथा पीडाओं को सह कर संसार को यह शिक्षा दी कि मनुष्य फल की इच्छा छोड़कर केवल अच्छे कर्म कर स्वयं पर विश्वास करें। योगेश्वर बनने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान उनके गुरु सांदीपनि जी का है, जिन्होंने प्रिय शिष्य कृष्ण को धर्म, भक्ति, ज्ञान, योग, वेद, शास्त्र, संगीत, शस्त्र, पुराणों, गुरु सेवा एवं गुरु दक्षिणा आदि विषयों की दुर्लभ शिक्षाएं प्रदान की।

गुरु दक्षिणा में भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि जी एवं गुरूमाता को उनका खोया हुआ पुत्र पुण्डरक वापस लाकर दिया। हम सब परम सौभाग्यशाली हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा-दीक्षा के साथ उनके योगेश्वर बनने की गाथा मध्यप्रदेश में लिखी गई।

कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण अपने बड़े भ्राता बलराम के साथ मथुरा से शिक्षा प्राप्ति के लिए महर्षि सांदीपनि की शरण में उज्जैन आये थे। नारायण (उज्जैन) में उनकी मित्रता सुदामा से हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता की मिसाल युग-युगांतर से है। भगवान श्रीकृष्ण से मित्रता की संसार को जो शिक्षा मिली, वह अनुकरणीय है। भगवान श्रीकृष्ण ने जिस जगह शिक्षा प्राप्त की थी, उनके गुरु सांदीपनि जी का आश्रम आज भी उज्जैन में विद्यमान है, जो भगवान श्रीकृष्ण के योगेश्वर बनने का साक्षात प्रमाण है। भगवान श्रीकृष्ण, सांदीपनि जी के गुरुकुल में 64 दिन रहे। इन 64 दिनों में 64 विद्या और 16 कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया। चार दिन में 4 वेद, 18 दिन में 18 पुराण, 6 दिन में 6 शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया।

अपनी विनम्रमा और श्रद्धा के कारण गुरु कृपा से भगवान श्रीकृष्ण को इन्दौर के समीप जानापाव में परशुराम जी से सुदर्शन चक्र रूपी अमोघ शस्त्र की प्राप्ति हुई। धार के पास अमझेरा में वीरता के बल पर रूक्मणी हरण में रूक्मी को हराया। बदनावर का ग्राम कोद वे पवित्र स्थान हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण की पौराणिक जागृत लीलास्थली हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मध्यप्रदेश सरकार ने राम वन-पथ-गमन की तरह अब “श्रीकृष्ण पाथेय” निर्माण का संकल्प लिया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े थे, उन्हें तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पूरी दुनिया को यह पता चलेगा कि भगवान श्रीकृष्ण का अटूट सम्बंध गोकुल, मथुरा, नंदगांव, वृंदावन और द्वारिका से ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश से भी है। विश्व के लोग यहां आकर इन तीर्थों का दर्शन कर पुण्य लाभ ले सकेंगे।

श्रीकृष्ण ने नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। जनश्रुति है श्रीकृष्ण ने दैत्य नरकासुर का वध कर बन्दी बनाई गईं 16 हजार स्त्रियों को मुक्त कराया था। साथ ही कुटिल कौरवों के चीरहरण से द्रौपदी की रक्षा भी की। गोपाल श्रीकृष्ण गौ-माता को बहुत मानते थे। गौ-वंश उन्हें प्राणों से प्रिय रहा। गायों की रक्षा के प्रति हमारी सरकार भी प्रतिबद्ध है। इस दिशा में गौ-शालाओं के विकास के लिये विशेष प्रयास भी किये जा रहे हैं।

श्रीकृष्ण का आदर्श जीवन हर युग मे प्रासंगिक तथा प्रेरणादायी है। प्राणी उनके द्वारा बताए गए मार्ग का अनुकरण कर महान बन सकता है। वर्तमान पीढ़ी को चाहिए कि वह भौतिकता की चमक-दमक में अपने पौराणिक इतिहास को विस्मृत न होने दे।

आईए हम सब प्रदेशवासी ऐसे महान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव-जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाए – जय श्री कृष्ण।

 

 

 

 

 

 

 

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “मन की बात” में की झाबुआ के सफाई कर्मियों की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सुनी मन की बात, प्रधानमंत्री का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने झाबुआ के सफाई कर्मियों के आर्ट वर्क को अद्भुत बताया
वेस्ट मटेरियल से सृजन की हुई प्रशंसा

मण्डला 25 अगस्त 2024

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के सफाई कर्मियों की दिल खोल कर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। उन्होंने झाबुआ के सफाई कर्मियों के कार्य का विशेष उल्लेख करने पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार जताया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “मन की बात” में कहा कि झाबुआ जिले के सफाई कर्मी भाई-बइनों ने ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के संदेश को सच्चाई में बदलकर दिखाया है। सफाई कामगारों ने सही तरीके से 3-R के मंत्र ‘रिड्यूस-रियूज-रिसाइकिल’ को अपनाया है। सफाई कामगारों की टीम ने झाबुआ के पार्क में कचरे से जो आर्ट वर्क तैयार किया है, वह अदभुत है। पर्यावरण संरक्षण के लिये यह एक सराहनीय एवं प्रेरक पहल है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश के झाबुआ मे कुछ ऐसा शानदान हो रहा है, जिसे आपको जरूर जानना चाहिए। झाबुआ में हमारे सफाई कर्मी भाई-बहनों ने कमाल कर दिया है। उनकी टीम ने शहर में उपयोग उपरांत फेंके गये वेस्ट मटेरियल से विभिन्न कलाकृतियाँ बनाई हैं। प्लास्टिक बॉटलों, पुराने टायरों, पुराने पाइप आदि वेस्ट मटेरियल का उपयोग करके हेलिकॉप्टर, तोपें, कार, जेएमसी (झाबुआ नगर पालिका लोगो), पान के पत्ते, यातायात सिंगल पाईन्ट, दीवार, पौधों हेतु क्यारियाँ, गमलें, आरामदायक बेंच व सोफे इत्यादि की अद्भुत कलाकृतियां बनाई गई हैं। नगर पालिका झाबुआ के डॉ. भीमराव अम्बेडकर पार्क में उक्त कलाकृतियां एवं सम्पूर्ण कार्य बिना किसी बाहरी व्यक्ति के सहयोग के नगर पालिका झाबुआ में कार्यरत सफाई कामगारों द्वारा ही अपनी मेहनत से तैयार की गई हैं। इसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशन में प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक श्री कमलेश जायसवाल एवं श्री टोनी मलिया के द्वारा अपने निर्देशन में व्यक्तिगत रूचि के साथ डिज़ाइन करवाया गया है। डिजाइन का कार्य सफाई जमादार श्री सचिन कालिया एवं श्री नितेश रमेश द्वारा किया गया है। सफाई जमादार श्री कमलेश मन्नु, श्री महेश बाबुलाल और श्री अर्जुन सोहन द्वारा ट्रेचिंग ग्राउण्ड एवं अन्य स्थलों से वेस्ट सामग्री एकत्रीकरण का कार्य किया गया और रंगाई, पेंटिंग और अन्तिम रूप देने का कार्य श्री विजय बाबूलाल एवं श्री विजय घुलिया द्वारा किया गया है।

अन्य जिलों में भी ऐसे प्रयोग हों

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के झाबुआ के विशेष उल्लेख पर जिले के सफाई कामगारों, नागरिकों और स्वच्छ भारत मिशन अभियान-2024 के तहत झाबुआ कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमति कविता सिंगार के निर्देशन में हुए बेहतरीन कार्य के लिये प्रशासनिक अमले को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के संदेश के साथ सृजन का यह सफल प्रयोग अन्य जिले में भी अपनाया जायेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों के प्रसार के लिये हर विकासखण्ड के एक गाँव को “बरसाना” के रूप में किया जायेगा विकसित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इंदौर में हुआ देश का अपने तरह का पहला एवं अनूठा धर्ममय ऐतिहासिक कार्यक्रम
पाँच हजार से अधिक बच्चे बाल-गोपाल और माताएं मैया यशोदा के रूप में उत्साह से हुई शामिल

मण्डला 25 अगस्त 2024

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी विकासखण्डों में एक गाँव को चयनित कर बरसाना गाँव के रूप में विकसित किया जायेगा। इन गाँवों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों का प्रसार जन-जन तक पहुँचाया जायेगा। बरसाना गाँव में जहां एक ओर प्राचीन संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया जायेगा वहीं दूसरी ओर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा। इन गाँवों में विकास की नई दिशा तय की जायेगी। ग्रामीणों में मानवता, सामाजिक, सांस्कृतिक एकता के जन जागरण का प्रसार कर एक ऐसा समाज तैयार किया जायेगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और सिद्धांत दिखाई दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर एक नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र भी स्थापित किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर “हर बालक कृष्ण-हर माँ यशोदा” की थीम पर आयोजित देश में अपने तरह के पहले एवं अनूठे कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस धर्ममय एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बाल-गोपालों और यशोदा माताओं का पुष्प-वर्षा कर अभिनंदन किया। इस अनूठे कार्यक्रम में 5 हजार से अधिक बच्चे बाल-गोपाल और इतनी ही माताएं मैया यशोदा के रूप में मौजूद थी। कार्यक्रम स्थल पूरी तरह आलौकिक अनुभूति से सराबोर था। कार्यक्रम स्थल को भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं से चित्रित कर सजाया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बाल-गोपालों को गोद में लेकर स्नेहपूर्वक दुलारा। महोत्सव में मटकी फोड़ का कार्यक्रम भी हुआ। उन्होंने बाल-गोपालों को प्रसाद के रूप में माखन-मिश्री भी खिलाई। बाल-गोपालों को कृष्ण जन्माष्टमी के उपहार भी वितरित किए गये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र और उनसे जुड़ी लीलाओं और प्रसंगों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंनें कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र से सीख लेकर हमें उनके आदर्शों और सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करना चाहिये। भगवान श्रीकृष्ण कोमलता, धैर्य, करूणा और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। वे मानव जाति की रक्षा के प्रतीक भी हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में मानव जाति के कल्याण और धर्म की स्थापना के लिये अनेक लीलाएं भी की हैं। उन्होंने प्रकृति से प्रेम करना सिखाया है। ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा दिया है। माखन, दूध, दही को स्वास्थ्य रक्षक के रूप में प्रतिष्ठित किया है। उनका जीवन ग्रामीण संस्कृति को प्रोत्साहन देने का काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिये हमने हर विकासखण्ड के एक गाँव को चयनित कर “बरसाना” गाँव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन केन्द्र भी स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि “हर बालक कृष्ण-हर माता यशोदा” के रूप में अपना जीवन बनायें। माँ यशोदा ममत्व की प्रतिमूर्ति है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब हर तीज, त्यौहार और पर्व पूर्ण हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किये जाएंगे। समाज का हर वर्ग सभी तीज, त्यौहार और पर्व आनंद और उत्साह के साथ मनायें।

मुख्यमंत्री ने गाया भजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित भजन “गोविंदा आला-रे-आला, जरा मटकी संभाल बृजबाला” सुनाया। इस भजन पर उपस्थित श्रोताओं ने स्वर से स्वर मिलाकर पूरे कार्यक्रम को धर्ममय कर दिया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध बांसुरी वादक बल्लू जी के बांसुरी वादन ने और माधवास बैंड की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में आलौकिक अनुभूति कराई। मुख्यमंत्री ने “हाथी घोड़ा पालकी-जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से पूरे कार्यक्रम स्थल को उपस्थित बाल-गोपालों और यशोदा माताओं के स्वर के साथ गुंजायमान कर दिया।

जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री महेंद्र हार्डिया, श्री मनोज पटेल, श्री गोलू शुक्ला तथा श्री मधु वर्मा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, पूर्व विधायक श्री गोपी नेमा, श्री सुदर्शन गुप्ता तथा श्री संजय शुक्ला, श्री गौरव रणदीवे सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जन उपस्थित रहे।

 

 

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

मण्डला 25 अगस्त 2024

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में नईदुनिया समाचार पत्र समूह द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने खेल, चिकित्सा, शिक्षा, कला, समाज सेवा सहित अन्य विविध क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को मालवा गौरव सम्मान से अलंकृत किया। उन्होंने कहा कि नईदुनिया ने समाचार जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है। सम्मान के लिए जिन प्रतिभाओं का चयन किया गया है वे उसके हक़दार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर श्री आवेश ख़ान, एडवांस होम्योपैथी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी सहित अन्य प्रतिभाओं का सम्मान किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित जन-प्रतिनिधि एवं समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

 

भगवान श्रीकृष्ण का कर्म प्रधान जीवन हमारे लिए आज भी प्रेरणा पुंज – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में खोले जाएंगे गीता भवन केन्द्र
गीता भवन इंदौर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हुआ व्याख्यान
श्री विजय दत्त श्रीधर एवं श्री प्रभुदयाल मिश्र ने दिये व्याख्यान

मण्डला 25 अगस्त 2024

प्रदेश के समस्त नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान और हमारे ग्रंथों, महापुरुषों के उपदेश आमजन तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर स्थित गीता भवन में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला में यह घोषणा की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के अलग-अलग घटनाक्रमों के वृत्तान्त को बड़े ही रोचक तरीके बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा इस तरह के व्याख्यान के माध्यम से आमजन तक भगवान श्रीकृष्ण के कर्म प्रधान जीवन की जानकारी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। श्री विजय दत्त श्रीधर और  श्री प्रभुदयाल मिश्र ने अपने व्याख्यान दिये।

जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री गोलू शुक्ला, विधायक श्री मधु वर्मा,  श्री गौरव रणदिवे, गीता भवन ट्रस्ट इंदौर के अध्यक्ष श्री रामचंद्र एरन, ट्रस्ट के मंत्री श्री रामविलास राठी सहित गणमान्यजन, गीता भवन ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश भर में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें व्याख्यान भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार ज्ञान रूपी दीपक को प्रज्ज्वलित करने वाली छोटी सी तिली की भूमिका में कार्य कर रही है। व्याख्यान के माध्यम से हमारे वरिष्ठजन हमारे महापुरुषों के जीवन और उनके किये गए कार्यों को आमजन तक बेहद ही सहज तरीके से पहुंचाने का कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा भगवान श्रीकृष्ण का पूरा जीवन कर्म आधारित रहा है। उन्होंने अलग-अलग लीलाओं के माध्यम से कर्म को प्रधान रखते हुए कर्म को ही धर्म माना। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवान बुद्ध और उनके शिष्य के संवाद का भी रोचक तरीके से वृतांत सुनाया। भगवान बुद्ध ने कहा था मृत्यु का कारण जन्म है। पृथ्वी पर जिस भी जीव का जन्म हुआ है उसकी मृत्यु तय है। हम देवताओं की जयंती मनाते है क्योंकि उनके द्वारा मनुष्य जन्म में किये गए कर्म पूजनीय है। देवताओं ने भी मनुष्य योनी को अपनाया। पुण्य के संचय हेतु जन्म आवश्यक है। भगवान ने विभिन्न अवतारों में जन्म लेकर मनुष्य जीवन में सुख और दुख के बीच अपने कर्म को महत्ता दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता देवकी और वासुदेव, बाबा नंद और माता यशोदा के त्याग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा भगवान कृष्ण ने जन्म से लेकर अपने पूरे जीवन में विभिन्न लीलाओं के माध्यम से कर्म और पुरुषार्थ को प्रधान रखा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर के गीता भवन ट्रस्ट को हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इंदौर में “हर घर कृष्ण-हर घर यशोदा” की पहल अनूठी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर बांसुरी अर्पित की। कार्यक्रम में ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा जी की प्रतिमा भेंट की गई।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर श्री विजयदत्त श्रीधर ने “श्रीकृष्ण के भाव, सौंदर्य और प्रेम का समुच्चय” विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि भारतीय संस्कृति के भगवान श्रीकृष्ण पुरोधा रहे है। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन के अलग-अलग वृतांत जिसमें कृष्ण-अर्जुन द्रोपदी, रुकमणी प्रसंग सुनाते हुए श्रीकृष्ण के जीवन के वृतांत को बड़े ही रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने भगवत गीता के श्लोकों और उनके अर्थों को बेहतर सहज तरीके से अपने व्याख्यान के माध्यम से प्रस्तुत किया। श्री श्रीधर ने कहा यह आयोजन सनातन संस्कृति को जानने, समाज में रचनात्मकता और बेहतर दिशा देने का कार्य करने वाला सिद्ध होगा।

“श्रीकृष्णा समग्रता की प्रतिमूर्ति” विषय पर श्री प्रभु दयाल मिश्र ने श्रीमद् भगवत गीता के 18 हज़ार श्लोकों के अंतिम श्लोक को अपने व्याख्यान में समाहित करते हुए कहा एकाग्र भाव से किया गया कर्म ही सार्थक होता है। कर्म के प्रति नियंत्रण होता है लेकिन फल पर नियंत्रण नहीं होता है। उन्होंने कहा कर्म में आनंद की अनुभूति होना चाहिए, क्योंकि कर्म करने की भूमिका में आनंद होता है, क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म को ही धर्म माना। “मैं” तो में के जड़ चेतन में समाहित है, वेद का दर्शन है, इसीलिये कहा जाता है कि ईश्वर में सभी का समावेश है। व्यक्ति को कर्म पर सदैव अडिग रहना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

देश को एकता के सूत्र में पिरोने में सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण योगदान: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

ओंकारेश्वर में ब्राह्मण चिंतन शिविर में हुए शामिल

मण्डला 25 अगस्त 2024

उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि पूरे देश को एकता के स्वरूप में बांध के रखने में सनातन संस्कृति का योगदान महत्वपूर्ण है। ओंकारेश्वर की पवित्र भूमि का सनातन संस्कृति को पल्लवित पोषित करने में अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि समाज व देश को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ओंकार मठ आश्रम परिक्रमा मार्ग ओंकारेश्वर में प्रादेशिक ब्राह्मण चिंतन शिविर को संबोधित कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विगत दिनों आदि शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना से ओंकारेश्वर में विकास हुआ है ऐसे सद्प्रयास आगे भी किए जाते रहेंगें। प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग हर क्षेत्र के नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गरीब बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। सीएम राइज स्कूल से उत्कृष्ट शिक्षा की व्यवस्था की जा रही हैं।

उप मुख्यमंत्री श्रीं शुक्ल ने कहा कि देश को विकसित करने के लिए तीन क्रांति: हरित क्रांति, उद्योग क्रांति एवं पर्यटन क्रांति ज़रूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन को सुलभ करने के लिए सरकार ने पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा योजना प्रारंभ की है। उन्होंने चिंतन शिविर में ब्राह्मण समाज के कल्याण, उत्थान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

ओंकारेश्वर में की पूजा अर्चना

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर एवम् ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में और माँ नर्मदा के सपत्नीक दर्शन कर पूजा अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की।

 

 

 

 

 

 

 

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने प्रदेश वासियो को दी शुभकामनाएँ

 

मण्डला 25 अगस्त 2024

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश वासियो को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि आइए हम भगवान श्री कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लें और सत्य, न्याय, और प्रेम के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। श्री देवड़ा ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की कृपा से हम सब के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि बनी रहे ऐसा प्रभु से कामना करें। एक बार पुनः सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व की उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शुभकामनाएँ दीं

मण्डला 25 अगस्त 2024

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की समस्त प्रदेशवासियों को उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से हमें धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। श्रीकृष्ण का कर्मयोग का सिद्धांत हमें सिखाता है कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन निस्वार्थ भाव से करना चाहिए। उनके उपदेश और शिक्षाएँ आज भी हमें जीवन में सही दिशा दिखाते हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में सद्भाव, प्रेम, और भाईचारे का संदेश भी देता है। यह त्योहार हमें भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को आत्मसात कर अपने जीवन में सकारात्मकता और शांति का प्रसार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस पर्व को उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाएँ।

 

 

 

 

श्रीकृष्ण पर्व पर पूर्णिमा चतुर्वेदी ने लोकगायन और अखिलेश तिवारी ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किए

अपर कलेक्टर ने श्रीकृष्ण पर्व पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया

 

मंडला 25 अगस्त 2024

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर भोपाल सहित मध्यप्रदेश के 16 स्थानों पर श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को लालीपुर के सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में चल रहे समारोह के दूसरे दिन 25 अगस्त को भोपाल की पूर्णिमा चतुर्वेदी और साथियों ने लोकगायन की प्रस्तुति दी तो भोपाल के अखिलेश तिवारी और साथियों ने भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी। आयोजित कार्यक्रम का अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ, प्राचार्य सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और समाजसेवी श्री प्रफुल्ल मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति विभाग और स्थानीय कलाकारांे के द्वारा इस अवसर पर श्रीकृष्ण की लीलाओं और कलाओं पर आधारित लोकगायन तथा भक्ति संगीत प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुत कार्यक्रमों ने उपस्थित जन समुदाय का मनमोह लिया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभास्थल गूंज उठा।

आयोजित कार्यक्रम में पूर्णिमा ने नंद बाबा के घर कृष्ण जन्म की बधाई, सखियों का नंद बाबा से बधाई लूटना एवं कृष्ण जी का बाल हठ खेलने के लिए चंद्रमा मांगने, श्री कृष्ण द्वारा जिद करना, राधा-कृष्ण का हिंडोला, गीत राधा-कृष्ण बांसुरी गीत और श्री कृष्ण जी का पालना गीत, साथी कृष्ण जी की आरती की प्रस्तुति दी। उनके साथ मीनाक्षी पगारे, अनीता प्रजापति, हारमोनियम पर लोकेश दुबे, ढोलक पर रोहित और बांसुरी पर जितेंद्र बंसल ने संगीत दी। उन्होंने भाई बधाई छे जी आज बाबा नंद घर…, मैं तो नंद भवन में जाऊंगी नंद रानी से बधाई लाऊंगी…, मैया माख चंद्र खिलौना लाई द…, झूला गीत हिंडोलो कुंज वन में बांधों झूलन आई राधिका प्यारी…, पालना गीत तुख झुलरियो झुलाई देऊं म्हारा नंद जी का लाल…, रास गीत अरे देखो नाचत है कन्हैया… और राधा कृष्ण का गरबा छोरा रंगरेज का रंगीला रंगीला राधा जी की चुनरिया… गीतों पर प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

आयोजित कार्यक्रम में श्री अखिलेश तिवारी ने भक्ति संगीत की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत वो काला एक बांसुरी वाला… गीत से की। इसके बाद मेरा आपकी कृपा से… और अरे द्वारपालों कनैया से कह दो… गीत पेश कर श्रोताओं को भक्ति रस में डूबो दिया। अगली कड़ी में बड़ी देर भाई नंदलाला… और गोविंदा आला… गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की विस्तार देते हुए मैच गया शोर सारी नगरी…,  राधे-राधे जपो चले…, कृष्ण तेरी मुरली ते…, काली कमली वाला मेरा यार है…, यशोमती मैया से…, बनवारी रे जीने का सहारा…, मैया यशोदा ये तेरा कनैया… और वो कृष्णा है… जैसे गीत प्रस्तुत किए। इसके पश्चात राधे-राधे श्याम के बिना तुम…, सजादो घर को गुलशन सा…, ओ सांवरे मुझे तेरी जरूरत है…, राधिका गोरी से बिराज की.. और पत्ता-पत्ता श्याम बोलता… गीत पेश किए। अंत में एक राधा एक मीरा… और मेरे बांके बिहारी लाल… गीत पेशकर अपनी वाणी को विराम दिया।

 

 

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