मण्डला। गुरूवार को सर्व सनातनी समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। नगर के प्रबुद्ध जन बंजर चौराहा में एकत्रित हुए और यहां से मौन जुलूस निकाला गया जो कलेक्ट्रेट पहुंचा यहां ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा गया कि अत्यंत खेद का विषय है कि तिरुपति बालाजी मंदिर देव स्थानम् के प्रसाद में पशुचर्बी और मछली के तेल की मिलावट कर करोड़ों भक्तों की आस्था विश्वास से खिलवाड़ करने का समाचार जन सामान्य तक पहुंच रहा है जहां इस दुखद समाचार से सात्विक खानपान करने वाले श्रद्धालुओं के साथ धोखा किया गया वहीं सनातन धर्म को नष्टभ्रष्ट किये जाने का असफल षड्यंत्र उजागर हुआ। हम बहुत आहत मन से अवगत कराना चाहते हैं कि सामान्य से लेकर अति सम्पन्न सनातन मंदिरों का नियंत्रण सभी तरह की व्यवस्था देख-रेख पूरी तरह से सनातन प्रतिष्ठित विद्वानों आचार्यों के हाथों में दिया जाना चाहिए जिससे सनातन विधि सिद्धांत से मंदिरों की कार्यप्रणाली का संचालन सुनिश्चित हो सके, वहीं किसी भी गैर सनातनियों को किसी भी स्थिति में मंदिर से जुड़ी व्यवस्था प्रबंधन पर नहीं रखा जाना चाहिए। तिरुपति बालाजी जी देवस्थानम् विश्व प्रसिद्ध धर्म स्थान है करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र भी है हमारे वैदिक ज्ञान चिंतन सिद्धांत विद्याओं व संस्कृति से ही हमारे देश की यश्चिक पहचान बनी हुई है और देश में 80 से भी अधिक सनातन धर्मी निवास करते हैं। विषय की गंभीरता से अवगत होते हुए प्रसादम में मिलावट की जॉच उपरांत सारे तथ्य सार्वजनिक किए जाने के साथ दोषियों को कड़ा से कड़ा दण्ड दिया जाना चाहिए। इसी के साथ ज्ञापन की प्रति श्रध्देय निश्चलानंद, सरस्वती शंकराचार्य पुरी पीठाधीश्वर श्रध्देय अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ज्योतमठ पीठ, श्रद्धेय शंकराचार्य सदानंद सरस्वती शारदा पीठ श्रद्धेय शंकराचार्य भारती तीर्थ स्वामी श्रृंगेरी मठ एवं गृहमंत्री भारत सरकार को भी भेजा गया है।
