मंडला 20 दिसंबर 2024
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केसी सरोते द्वारा आमजनों के लिए जारी एडवाईजरी में बताया गया कि शीतलहर का प्रभाव प्रत्येक वर्ष दिसंबर-जनवरी के महीनों में होता है और कभी-कभी विस्तारित शीत लहर की घटनाएं नवंबर से फरवरी तक होती है। वर्तमान में जिले में शीत लहर का प्रभाव जारी है। जिसके चलते सर्द हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने के साथ-साथ यदाकदा मृत्यु होना भी संभावित है। शीतलहर का नकारात्मक प्रभाव गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों एवं 5 वर्ष के छोटे बच्चों पर अधिक होता है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों, बेघर व्यक्तियों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगियों, खुले क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए भी शीतलहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। शीत ऋतु में शीत-घात (शीत लहर) में जन सामान्य को सलाह पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनें जैसे दस्ताने, टोपी, मफलर एवं जूते आदि पहनें। शीतलहर के समय जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें, अतिआवश्यक हो तो ही बाहर यात्रा करें। नियमित रूप से गर्म पेय पीते रहें। आवश्यकतानुसार रूम हीटर का उपयोग करें एवं रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। शीत लहर के समय विभिन्न प्रकार की बीमारियों की संभावना अधिक बढ़ जाती है, जैसे- फ्लू, सर्दी, खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण हो जाने पर चिकित्सक से संपर्क करें। अल्प ताप अवस्था के लक्षण जैसे- सामान्य से कम शरीर का तापमान, न रूकने वाली कंपकपी, यादाश्त चले जाना, बेहोशी या मूर्छा की अवस्था का होना, जबान का लड़खड़ाना आदि प्रकट होने पर चिकित्सक से संपर्क कर उपचार प्राप्त करें।
