प्रभु मसीह यीशु का जन्म क्यों और कैसे
बैतलहम की चरनी से ज्यों ही रोने की आवाज के साथ खून में सराबोर और झुर्रियों से युक्त एक बालक मरियम और यूसुफ की निगहबानी में आया इस समय यह पृथ्वी अपने निर्णायक मोड़ में पहुंच गई हर इंसान की शुरुआत उसके जन्म से होती है हजारों वर्ष पहले भविष्यवक्ताओं की बात पूरी होना कि पाप, क्षमा, प्रेम, शांति, मोक्ष के लिए के लिए एक मसीहा का इंतजार एक ऐसे परमेश्वर को जो केवल सुना जाता था लेकिन अब छुआ व देखा जा सकता है। तो भी मनुष्य आदर्श दूरस्थ ईश्वर को ही ईश्वर का दर्जा देता है हमें परेशानी होती है एक ऐसे परमेश्वर से जो जीवित देहधारी हुआ और जब वह हमें एक व्यक्ति की हैसियत से पुकारता है तो उसकी पुकार सुनने की अपेक्षा हम सिद्धांतों व मतों एवं विचारधाराओं से ही जूझते रहते हैं आज से 2000 साल पहले की वास्तविक सच्चाई इतिहास बताता है शिशु यीशु की शुरुआत तो है लेकिन जो व्यक्ति है जो परमेश्वर के द्वारा जन्म लिया इसकी शुरुआत नहीं बाइबल बताती है वह एक वध किया हुआ मेमन पहले वध किया हर एक की अपनी एक शुरुआत है लेकिन पूरा मूल अस्तित्व नहीं है वह क्यों मनुष्य रूप लिया जन्म क्यों 1

अनंतकालीन मानवता की प्रेम के खातिर
2 समस्त मानव जाति के पापों की क्षमा के लिए बाइबल में लिखा है कि सबने पाप किया और सब परमेश्वर की महिमा से रहित है
3 यीशु का जन्म एक नए धर्म की शुरुआत नहीं बल्कि उद्धारकर्ता के रूप में समस्त मानव जाति के लिए पापों से रहित जीवन की शुरुआत है
जन्म कैसे 1 हजारों वर्ष पहले भविष्यवक्ता की बात पूरी हुई पवित्र शास्त्र में लिखा है कुंवारी मरियम के द्वारा जन्म इसलिए यीशु पाप से अज्ञात थे इसलिए पापों को क्षमा करने में वह सक्षम थे जिस प्रकार गंदे कपड़ों को धोने के लिए हम साफ पाउडर मिलाते हैं ना की कोयला रगड़कर उन कपड़ों को धोते हैं ठीक उसी प्रकार मसीह यीशु का निष्कलंक और पवित्र लहू समस्त मानव जाति के पापों को धोता है आज भी अनगिनत लोग मसीह यीशु के द्वारा अपने जीवन में परिवर्तन को देख रहे हैं और यही परिवर्तन हमें हमारे परिवार समाज देश के लिए विश्वास योग्य बनाता है आज हम अपने भारत को एक विकसित भारत के रूप यदि देख रहे हैं तो मुझे यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि शिक्षा, स्वास्थ्य अनाथालय कोढियों की सेवा ऐसे अनगिनत सेवा से भरपूर योगदान एवं अथाह प्रयास के द्वारा जो नींव मसीह प्रेमियों ने डाली है वह अद्भुत है जिसमें हर वर्ग हर समूह आगे बढ़ सके। 2 मसीह यीशु का जन्म अवतार के रूप में नहीं हुआ

वचन के द्वारा हुआ जिसे हम कहते हैं
(परमेश्वर का शब्द) देहधारी हुआ अवतार कई हो सकते हैं लेकिन देहधारी एक हुआ एक अन्य कल्ट जो अधूरा ज्ञान पाकर इस महान जन्म के यीशु के प्रति उसके लिए कहता है कि परमेश्वर बच्चे को कैसे जन्म दे सकता है उनके सवाल पर ऐसा लगता है वह खुद एक बच्चे हैं यह हमें भी पता है कि परमेश्वर बच्चे को जन्म नहीं दे सकता है शब्द पवित्र आत्मा के द्वारा मां मरियम की कोख में आया और पवित्र आत्मा के द्वारा
ना कि किसी मनुष्य के शारीरिक प्रयास के द्वारा मसीह यीशु का जन्म नहीं हुआ है। पवित्र शास्त्र की पुस्तक नये नियम यूहन्ना 1:1 एवं यूहन्ना 1:14 उसमें इस प्रकार लिखा है क्योंकि वचन ही आदि में था और वचन परमेश्वर के साथ सिर्फ एक बार देहधारी वह हुआ वह भी पूरी पवित्रता के साथ मसीह यीशु एक ऐतिहासिक सच्चाई है जब हम किसी तारीख को सर्च करते हैं तो हम उसमें
ए .डी या विफोर क्रिस्ट देखते हैं आगे आप समझदार हैं जिसका अर्थ होता है मसीह यीशु के आने से पहले की घटना और मसीह यीशु के बाद की घटना
*समझने योग्य बातें * 1 मसीह को स्वीकार करना कुछ लोग विदेशी धर्म समझते हैं आपको ज्ञात होवे की ईश्वर कभी भी देसी और विदेशी नहीं होते कुछ लोगों का मानना है यीशु का जन्म भारत में क्यों नहीं हुआ अगर यह बात हर व्यक्ति सोचने लग जाए तो पूरी दुनिया में जितने देश हैं हर जगह फिर यीशु का जन्म होना जरूरी है लेकिन ऐसा नहीं है यीशु का जन्म यरुशलेम के बैतलहम नगर में या गांव में इसलिए हुआ यह स्थान विश्व में लगभग बीच केंद्र में पाया जाता है जिस प्रकार चारों दिशा में उजाला देने के लिए एक लाइट को हम मध्य भाग में रखते हैं ताकि चहूं और उजाला हो जाए ठीक उसी प्रकार यह परमेश्वर की मनसा और योजना थी इसलिए यीशु का जन्म उस स्थान पर हुआ इस बात को परमेश्वर पहले से जानता था कि मनुष्य यह सवाल कर सकता है यह परमेश्वर का ज्ञान है और हमारा ज्ञान उसके ज्ञान के आगे कुछ भी नहीं

2 मसीह यीशु का जन्म और उस पर किया जाने वाला विश्वास या आस्था यह धर्म परिवर्तन का विषय नहीं ना ही यह लालच का विषय है एक लंबे समय से हम इन झूठे आरोपों से संघर्ष कर रहे हैं आपको ज्ञात होवे हमारे पवित्र ग्रंथ में 10 आज्ञाओं में से एक आजा है कि तू लालच ना करना जो हमें ग्रंथ सीख रहा है फिर हम कैसे किसी को लालच दे सकते हैं किसी बेबस असहाय शक्स के प्रति तरस रखना या उस पर भलाई करना यह लालच नहीं है यह एक धार्मिक पुण्य का अनुष्ठान है बहुत सारे लोग कहते हैं मसीह पर विश्वास करने से पैसा मिलता है आज भी हजारों मसीह लोग बेघर है बेरोजगार हैं लेकिन वह प्रभु पर विश्वास करते हैं हमारे देश में अनगिनत ऐसे करोड़पति भरपूर धन संप्रदाय से मसीहों में आए हैं और अपना सब कुछ छोड़ा है कभी आपने उनसे पूछा कि उनको क्या मिला आप जिस दिन उनसे यह पूछोगे तो आपको आपका जवाब मिल जाएगा मसीह यीशु ने कहा मार्ग सत्य अनंत जीवन में हूं आज मनुष्य के पास धर्म की कमी नहीं है वरन एक सही जीवन शैली जीने वालों की कमी है पवित्र ग्रंथ में लिखा है उसमें जीवन था और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति था लेकिन मनुष्य के अंधकार के कामों ने उनको ज्योति से अलग रखा चोर चोर चोरी करते समय लाइट लेकर नहीं आता है लेकिन वह अंधकार की प्रतीक्षा करता है ठीक उसी प्रकार आज व्यक्ति के अंधकार के कामों ने उनको उनके परमेश्वर से अलग कर दिया है किसी मनुष्य या जाति धर्म की आलोचना से या लालच और प्रलोभन से कोई भी धर्म ज्यादा दिन टिक नहीं सकता अगर हमें किसी की बराबरी करना है तो किसी पर उंगली उठाकर नहीं शिक्षा स्वास्थ्य गरीबों की सेवा कोढी लोगों के महकते गंध घावो के बीच में रहकर अपने कार्यों से अपना प्रमाण दे यही चीज हम सभी को सीखना है हम अपने मसीह से और हम अपने देश से बेइंतहां मोहब्बत करते हैं, और अपने देश के हर नागरिक के लिए हम प्रार्थना करते हैं हर वर्ग के लिए हर समूह के लिए सारे अधिकारियों के लिए नगर और देश के गणमान्य नागरिकों के लिए हमारे देश के तमाम मंत्रियों के लिए अस्पताल विभाग स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग पुलिस विभाग आर्मी, , वायु सेवा थल सेना, जल सेना समस्त लोगों के लिए हम प्रार्थना करते हैं कि परमेश्वर आप उनको और उनके परिवार को संभाले और हमारा देश एक रहे और संगठित रहे और भाईचारा और प्यार सदैव बना रहे इन रहस्यमई सच्चाई से परिपूर्ण प्रेम और भाईचारे सद्भावना के साथ आप सभी को मानव मुक्ति दिवस की अर्थात मसीह जन्मोत्सव की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं।

आप सभी स्वस्थ रहें संगठित रहे लक्ष्य केंद्रित रहे
मसीह यीशु के नाम से परमेश्वर आप सबको आशीष से
God bless you.
