23 जून 2025, मंडला
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चलाए गए निःक्षय भारत के पायलट प्रोजेक्ट के बाद प्रदेश के सभी जिलों में टीबी के मरीजों की पहचान करने एवं सेचुरेशन मोड पर उपचार के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में सोमवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की सचिव तथा मिशन डायरेक्टर एनएचएम की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन डायरेक्टर ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान की सफलता के लिए जरूरी है कि हम टीबी के मामलों की पहचान और उपचार इनटेन्सिव मोड पर करें। इसके लिए सभी जिलों में आवश्यक टूल्स और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनकी सहायता से इस कार्य को पूर्ण कराना है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी कलेक्टर इस अभियान के लिए जनप्रतिनिधियों और अन्य स्टेक होल्डर्स की संवेदीकरण कार्यशालाओं का आयोजन भी करें। कार्यशालाओं में जनपद और पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करें। बैठक में अभी तक केवल टीबी के मरीजों को प्रदाय किए जा रहे फूड बास्केट के साथ-साथ आपदाग्रस्त परिवारजनों के लिए भी फूड बास्केट उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की गई। मंडला गोलमेज कक्ष से इस वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांश कूमट तथा संबंधित मिशन के डीपीसी श्री गौरव साहू शामिल हुए।
