साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने और नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, पुलिस कंट्रोल रूम, मंडला में आज दिनांक 02 नवंबर, 2025 को थानों के साइबर डेस्क में पदस्थ अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया हैं। उल्लेखनीय हैं कि मंडला पुलिस द्वारा पूर्व से प्रत्येक थाना में साइबर डेस्क की स्थापना की गई हैं। जिसमें उप निरीक्षक रैंक के अधिकारी को प्रभारी एवं उनके सहायतार्थ थाने में पदस्थ युवा पुलिस कर्मियों को नियुक्त किया गया हैं। जिनका प्रशिक्षण सत्र का आयोजन निरंतर किया जा रहा हैं।
*प्रशिक्षण का उद्देश्य और क्रियान्वयन*
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र साइबर सेल, मंडला द्वारा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें जिले के सभी थानों के साइबर डेस्क प्रभारी और सहायक अधिकारियों ने भाग लिया। सत्र का मुख्य फोकस तकनीकी दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
प्रशिक्षण में शामिल रहे मुख्य विषय इस प्रकार हैं:
NCRP पोर्टल पर हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करने के तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर अधिकारियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस (व्यावहारिक अभ्यास) कराया गया, जिससे शिकायत निराकरण की गति बढ़ेगी।
फ्रॉड राशि की ट्रेसिंग एवं रिकवरी: थानों में प्राप्त साइबर फ्रॉड की शिकायतों व 1930 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, धोखाधड़ी से गए राशि को ट्रैक और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर उसे फ्रीज करवाकर पीड़ितों की राशि की रिकवरी सुनिश्चित करने हेतु त्वरित एवं प्रभावी तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
नवीनतम साइबर ट्रेंड्स की जानकारी: अधिकारियों को डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, टेलीग्राम टास्क फ्रॉड जैसे नए साइबर अपराधों की जानकारी और उनसे निपटने की विशिष्ट रणनीतियों से अवगत कराया गया।
नागरिक व्यवहार एवं संवेदनशीलता: साइबर अपराध पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाना और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया।
*दिशा-निर्देश*
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बिसेन ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “प्रत्येक थाने में स्थापित साइबर डेस्क हमारी पहली प्रतिक्रिया इकाई है। इस प्रशिक्षण का एकमात्र उद्देश्य उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है ताकि वे साइबर अपराध के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित कर सकें। मंडला पुलिस साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रहने के लिए प्रतिबद्ध है।” प्रशिक्षण के समापन पर, सभी साइबर डेस्क अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्राप्त ज्ञान को तत्काल अपने-अपने थानों में लागू करें। साथ ही, आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया है।
*आमजन से अपील*
साइबर अपराधियों द्वारा निरंतर अलग अलग तरीकों से साइबर फ्रॉड की घटना को अंजाम देने का प्रयास करते हैं, ऐसे में आपकी जागरूकता व सतर्कता आपको साइबर फ्रॉड से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीकों के बारे में जानने के मंडला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें। यदि आप भी साइबर घटना साझा करना चाहते है या अवेयरनेस वीडियो शेयर करना चाहते हैं तो आप साइबर सेल के मोबाइल नंबर 7049141561 पर प्रेषित कर सकते हैं। अपने साथ हुए किसी भी साइबर या सोशल मीडिया फ्रॉड की शिकायत 1930, वेबसाइट cybercrime.gov.in या नजदीकी थाने में दर्ज करा सकते हैं।
