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आल इंडिया आदिवासी कांग्रेस आदिवासी समस्या पर ध्यान आकर्षित करते हुए* *मंडला की बेटी डॉ भारती तिलगाम के द्वारा मध्य प्रदेश आदिवासियों के लिए अपनी बात रखी*

(स्थान: इंदिरा भवन, न्यू दिल्ली)

सर्वप्रथम, हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं कि आज हम यहाँ इकट्ठा हुए हैं ताकि मध्य प्रदेश के आदिवासियों की आवाज को सुना जा सके। यह अवसर हमारे मंडला की बेटी, डॉ. भारती तिलगाम के लिए गर्व का क्षण है, जिन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण के माध्यम से आदिवासी समुदाय के मुद्दों को उठाने का साहस किया है।

डॉ. भारती तिलगाम, जो कि मंडला विधानसभा की अध्यक्ष हैं, ने आज इंदिरा भवन में अपनी बात रखी। उनका यह कार्य न केवल मंडला जिले के लिए, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने भाषण में आदिवासियों के अधिकार, उनकी संस्कृति और उनकी जीवनशैली की रक्षा करने के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत किए

डॉ. तिलगाम ने अपने संबोधन में कहा, “आदिवासी समुदाय के लोग हमेशा से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षक रहे हैं। हमें उनकी आवाज को सुनना होगा और उनके अधिकारों की रक्षा करनी होगी। आज हम यहाँ एकजुट होकर यह संकल्प लें कि हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के लिए न्याय और समानता की लड़ाई लड़ेंगे।”

इस कार्यक्रम में मौजूद आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया जी ने डॉ. तिलगाम के विचारों को सराहा और उन्हें एक सम्मान पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा, “डॉ. भारती तिलगाम का समर्पण और उनकी मेहनत हमें प्रेरित करती है। हम सबको मिलकर आदिवासियों के लिए काम करने की आवश्यकता है। उनके बिना हमारे समाज की तस्वीर अधूरी है।”

विक्रांत भूरिया जी ने आदिवासी समुदाय की चुनौतियों का भी जिक्र किया, जैसे कि भूमि अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और आत्मनिर्भरता। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर पर आदिवासियों के मुद्दों को आगे बढ़ाने का कार्य करें।

सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. तिलगाम और विक्रांत भूरिया जी के विचारों को ध्यान से सुना और इस बात की पुष्टि की कि वे आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए हाथ में हाथ डालकर काम करेंगे। कार्यक्रम का समापन आदिवासी संस्कृति के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ,

इस प्रकार, आज का यह कार्यक्रम न केवल आदिवासी समस्याओं को उजागर करने का अवसर बना, बल्कि यह एक नई शुरुआत का प्रतीक भी है। डॉ. भारती तिलगाम और विक्रांत भूरिया जी की कोशिशों से यह स्पष्ट है कि आदिवासी समुदाय की आवाज अब और अधिक मजबूत तथा प्रभावशाली होगी।

हम सबका दायित्व बनता है कि हम इस दिशा में आगे बढ़ें और उन्हें उनके अधिकार दिलाने में मदद करें। आइए, हम एकजुट होकर इस आवश्यक कार्य को आगे बढ़ाएं।

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