मंडला, 16 दिसंबर 2025
जिले में कुपोषण को समाप्त करने और कुपोषित बच्चों को सुपोषित श्रेणी में लाने के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशन में एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार गंभीर और सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में परियोजना अधिकारी मंडला श्री अनूप नामदेव द्वारा क्षेत्र में चिन्हित कुपोषित बच्चों के घर-घर जाकर परामर्श दिया जा रहा है।
इस दौरान एक ऐसी कुपोषित बच्ची का मामला सामने आया, जिसे पारिवारिक कारणों से एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती नहीं कराया जा रहा था। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक द्वारा पूर्व में कई बार समझाइश देने के बावजूद परिवार बच्ची को एनआरसी भेजने के लिए तैयार नहीं हो रहा था।
निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी द्वारा स्वयं बच्ची के घर पहुँचकर परिवार के सभी सदस्यों से विस्तार से चर्चा की गई। उन्हें बताया गया कि वर्तमान में बच्ची का स्वास्थ्य स्तर सामान्य नहीं है और यदि समय रहते एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया तो उसके स्वास्थ्य में और अधिक गिरावट आ सकती है, जिससे भविष्य में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
उनके द्वारा दी गई समझाइश के बाद परिवार ने विषय की गंभीरता को समझा और बच्ची के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक निर्णय लेते हुए बुधवार को बच्ची एवं उसकी माँ को एनआरसी में भर्ती कराने की सहमति प्रदान की।
