मंडला, 10 जनवरी 2026
कभी पर्याप्त भूमि होने के बावजूद पानी की कमी से जूझ रहे किसान श्री डुमरी लाल आज जिले के प्रगतिशील किसानों में गिने जाते हैं। जनपद पंचायत घुघरी के ग्राम उरवाही निवासी श्री डुमरी लाल ने यह साबित कर दिया कि यदि सही समय पर सही योजना का लाभ मिल जाए, तो खेती केवल आजीविका नहीं बल्कि समृद्धि का साधन बन सकती है।
पानी की कमी से परेशान, लेकिन हौसला अडिग
लगभग 10 से 12 एकड़ भूमि होने के बावजूद सिंचाई की सुविधा न होने के कारण वे साल में केवल एक ही फसल ले पाते थे। सीमित उत्पादन के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती थी और भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती थी।
खेत-तालाब बना बदलाव की नींव
प्रधानमंत्री कृषि एवं वाटरशेड योजना से प्रेरित होकर श्री डुमरी लाल ने खेत-तालाब निर्माण के लिए आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 3.99 लाख रुपये की स्वीकृति मिली। वाटरशेड योजना के माध्यम से खेत में तालाब का निर्माण हुआ, जिससे सिंचाई की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई। साथ ही पाइप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का लाभ भी मिला।
सब्जी, धान-गेहूं के साथ मछली पालन
तालाब बनने के बाद श्री डुमरी लाल ने धान और गेहूं के साथ-साथ बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादन शुरू किया। वर्ष 2023 के वर्षाकाल में तालाब भरने पर उन्होंने मत्स्य पालन की शुरुआत की। शासकीय मत्स्य प्रक्षेत्र से मछली बीज लाकर तालाब में छोड़ा गया। आज वे 40 से 50 क्विंटल मछली का वार्षिक उत्पादन कर रहे हैं, जिससे 1.5 से 2 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।
अतिरिक्त आय से नई संभावनाएँ
मत्स्य पालन से मिली आय ने उनके जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। तालाब के किनारे मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण कराया जा रहा है। आर्थिक मजबूती के कारण वे अपने पुत्र को बीटेक (एग्रीकल्चर) जैसी उच्च शिक्षा दिला पा रहे हैं।
20 गांवों के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्त्रोत
अपने अनुभवों को केवल स्वयं तक सीमित न रखते हुए श्री डुमरी लाल अब आसपास के 20 गांवों के किसानों को अपने खेत पर उन्नत सिंचाई तकनीक और मछली पालन की प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक किसान शासकीय योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें।
शासन-प्रशासन के प्रति आभार
श्री डुमरी लाल कहते हैं कि आज उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं बेहतर है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन का हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
