कलेक्टर ने किया हर्बल गुलाल की पैकिंग कार्य का अवलोकन
स्व-सहायता समूहों की महिलाओं का बढ़ाया उत्साह
मंडला, 27 फरवरी 2026
होली पर्व को पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कालोनी में ग्रामीण स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल की पैकिंग का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं से गुलाल तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी सशक्त करेगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने इस कार्य में सहयोगी संस्था एकगांव टेक्नोलॉजी के श्री सुरेंद्र गुप्ता से भी बातचीत की। श्री गुप्ता ने बताया कि गेंदा की पंखुड़ियाँ, गुड़हल की पत्तियाँ, पालक की पत्तियाँ, टेसू फूल जैसे अवयव सुखाकर अरारोट बेस की मदद से यह गुलाल तैयार किये जा रहे हैं। इन्हें 100-100 ग्राम के पैक में आकर्षक पैकिंग कर विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 28 फरवरी से माहिष्मती घाट पर शुरू हो रहे मेले तथा सोमवार को योजना भवन में इसका विक्रय काउंटर लगवायें। 2 मार्च को माहिष्मती घाट पर आयोजित होली उत्सव के लिए भी यही हर्बल गुलाल उपयोग करना सुनिश्चित करें।
इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, एसडीएम श्रीमती सोनल सिडाम, सीएमओ नगर पालिका श्री गजानन नाफड़े, डीपीएम आजीविका मिशन श्री बीडी भैंसारे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के तहत 10 पशुपालकों को मुर्रा भैंस क्रय के लिए रवाना
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
मंडला, 27 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा द्वारा जिले के 10 पात्र पशुपालकों को करनाल (हरियाणा) से मुर्रा नस्ल की उन्नत भैंस क्रय करने के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य उन्नत नस्ल के पशुओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना तथा लघु एवं सीमांत पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उप संचालक पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. उग्रसेन तिवारी ने बताया कि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को अनुदान के आधार पर 2 मुर्रा भैंस प्रदान किए जाने का प्रावधान है। मुर्रा भैंस की औसतन 8 से 10 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन की क्षमता है।
योजना में सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान एवं 50 प्रतिशत अंशदान, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत अनुदान एवं 25 प्रतिशत अंशदान का प्रावधान है। प्रति इकाई लागत लगभग 2.50 लाख रुपये निर्धारित है। इच्छुक व्यक्ति निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु औषधालय के प्रभारी/उपसंचालक पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं।

भारतीय डाक विभाग द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता-2026 का आयोजन
मंडला, 27 फरवरी 2026
भारतीय डाक विभाग मंडला ने स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अन्तर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता-2026 की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में लेखन कला को प्रोत्साहित करना है। डिजिटल दुनिया में मानवीय संबंध क्यों जरूरी है, इस बारे में अपने दोस्त को एक पत्र लिखें। प्रतियोगिता में 9 से 15 वर्ष की आयु के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं, आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 है, विद्यार्थी अंग्रेजी या हिंदी भाषा में पत्र लिख सकते हैं, पत्र हस्तलिखित होना अनिवार्य है।
परिमंडल स्तर पर प्रथम तीन विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 25 हजार रुपए, 10 हजार रूपए एवं 5 हजार रूपए तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 50 हजार रूपए, 25 हजार रूपए एवं 10 हजार रूपए तथा एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए विजेताओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक, प्रमाण पत्र और स्विट्जरलैंड की यात्रा या अन्य आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी भारतीय डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://www.indiapost.gov.in पर देख सकते हैं।

ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की बैठक संपन्न
मंडला, 27 फरवरी 2026
गुरुवार को सेक्टर क्रमांक 1 बीजाडांडी अंतर्गत नवांकुर संस्था ’अनुश्री शिक्षा सामाजिक एवं निशक्त उत्थान समिति, बीजाडांडी’ द्वारा ग्राम विजयपुर में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समन्वयक श्री राजेन्द्र चौधरी ने समिति द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने समिति सदस्यों को योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विकासखण्ड समन्वयक मंजुलता पांडेय, नवांकुर संस्था प्रमुख श्री हरिलाल परते (चरगांवमाल), श्री जगत सिंह परते (धनवाही), परामर्शदाता आदित्य मिश्रा एवं श्रद्धा तिवारी सहित समिति के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह मरकाम, सचिव श्री कमलेश विश्वकर्मा एवं अन्य सदस्यगण तथा ग्रामवासी उपस्थित रहे।

चना एवं मसूर उपार्जन के लिए कृषक पंजीयन 16 मार्च तक
भावांतर योजनांतर्गत सरसों का पंजीयन 20 मार्च तक
मंडला, 27 फरवरी 2026
रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिए पंजीयन का कार्य शुरू हो चुका है। चना एवं मसूर उपार्जन के लिए कृषक पंजीयन 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक और भावांतर योजना अंतर्गत सरसों का पंजीयन 26 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक किया जाना है। किसानों की सुविधा के लिए निःशुल्क पंजीयन के लिए 36 पंजीयन केंद्रों का निर्धारण किया गया है। जिसमें आदिम जाति सेवा सहकारी समिति स्टेट बैंक के सामने मंडला, मानेगांव, चिरईडोंगरी रोड, नारायणगंज, निवास, नैनपुर, रैवाड़ा, चीजगांव, जामगांव, पिंडरई, खिरखिरी, बम्हनीबंजर, परसवाड़ा, चिरईडोंगरी रेल्वे, बिछिया, अंजनिया, खलौड़ी, ककैया, मोहगांव, पड़ाववार्ड मंडला, जहरमउ, नैनपुर, बिछिया, बकौरी, टाटरी, बिसौरा, मलारा, घुघरी, घुटास, बीजाडांडी, मुनु, रामनगर, मानादेई, हिरदेनगर, घुघरा, बबलिया, निर्धारित किया गया। इसके अलावा एम.पी. ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर, लोकसेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर पंजीयन 50 रूपए शुल्क राशि जमा कर कृषक अपना पंजीयन करा सकते हैं। उपार्जन एवं पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड (बैंक खाता एवं मोबाईल नंबर से लिंक्ड), भू-अभिलेख की प्रति (खसरा), बैंक खाते का विवरण, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर एवं आईएफएससी कोड (आधार से लिंक होना अनिवार्य), मोबाईल नंबर (आधार लिंक्ड), समग्र आई.डी. पंजीयन के समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।

समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण संपन्न
मंडला, 27 फरवरी 2026
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए राज्य उच्च शिक्षा से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं का एक दिवसीय स्टडी ट्रिप जिला प्रशासन के निर्देशन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े, सहायक संचालक एल.एस. मसराम, जिला नोडल अधिकारी एपीसी श्री मुकेश पाण्डे तथा विकासखण्ड मंडला की नोडल श्रीमती सुषमा पटेल सहित अन्य अधिकारियों एवं मेंटर श्री अखिलेश उपाध्याय के संयोजन में संपन्न हुआ।
विकासखण्ड मंडला से चयनित छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण के तहत स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉटेल मैनेजमेंट जबलपुर, मंगलायतन विश्वविद्यालय जबलपुर एवं धुआंधार फॉल्स भेड़ाघाट का भ्रमण कराया गया। भ्रमण का मुख्य केंद्र स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट जबलपुर रहा, जहां विद्यार्थियों ने होटल उद्योग में उपलब्ध करियर संभावनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संस्थान के विशेषज्ञों ने हाउसकीपिंग, फूड प्रोडक्शन एवं फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट जैसे तकनीकी विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। विद्यार्थियों ने जाना कि कौशल विकास के माध्यम से देश-विदेश में रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने मंगलायतन विश्वविद्यालय का भ्रमण किया, जहां उन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया, रोजगार के अवसर एवं विषय चयन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। छात्रों ने फूड प्रोसेसिंग एवं फूड टेक्नोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस, फार्मास्यूटिकल्स की प्रयोगशालाओं, फूड कोर्ट की कार्यप्रणाली, पॉलीहाउस, मशरूम हाउस तथा जैविक खेती की प्रक्रियाओं का अवलोकन किया और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के लिए सुबह-शाम के नाश्ते एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई। कार्यक्रम उपरांत सभी विद्यार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया गया, जिसमें उन्होंने इस शैक्षणिक यात्रा को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। शैक्षणिक भ्रमण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने धुआंधार जलप्रपात भेड़ाघाट पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया तथा नर्मदा तट की जैव विविधता के बारे में जानकारी प्राप्त की। शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। इससे विद्यार्थियों के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होता है। विद्यार्थियों ने भविष्य में ऐसे और अधिक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाने की इच्छा व्यक्त की।

किसानों की सहूलियत का रखा जा रहा ध्यान
7066 ई-टोकन जारी, 2045 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण
मंडला, 27 फरवरी 2026
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। इस संबंध में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने एवं किसानों को आवश्यक संसाधनों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली की शुरुआत की गई है। यह एक डिजिटल प्रणाली है जिसका उद्देश्य किसानों को उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसी लंबी कतारें, कालाबाजारी, अनियमित वितरण एवं बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करता है। इस प्रणाली के तहत किसान को पंजीयन के उपरांत उर्वरक प्राप्ति के लिए एक ई-टोकन जारी किया जाता है। इस टोकन में किसान का नाम, पंजीयन क्रमांक, उर्वरक का प्रकार एवं मात्रा, वितरण केंद्र, निर्धारित तिथि और समय अंकित होता है। किसान निर्धारित समय पर संबंधित केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकता है।
शुक्रवार तक जिले में किसानों को 7066 ई-टोकन पोर्टल से जारी हुए हैं जिसमें से 5861 कृषकों द्वारा उर्वरक का उठाव किया गया है। ई-टोकन के माध्यम से अभी तक 2045 एमटी उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। किसानों को ई-टोकन प्रणाली से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए किसानों की फॉर्मर आईडी होना अनिवार्य होगा। किसानों को अपना आधार नंबर एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीकृत करवाना होगा ताकि फॉर्मर आईडी पर रकबा एवं फसल की जानकारी अपडेट हो सके। किसान ई-विकास प्रणाली की वेबसाइट या एमपी किसान ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के दौरान आधार नंबर डालने पर आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगी जिसके सत्यापन उपरांत किसान की भूमि और रकबे की जानकारी प्रदर्शित होने लगेगी। किसान द्वारा भूमि, रकबा, खसरा, फसल और उर्वरक चयन करने के उपरांत वैज्ञानिक आधार पर उर्वरक की मात्रा पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगेगी। किसान रिटेलर का चयन करके टोकन/कूपन प्राप्त कर सकेगा और 3 दिवस के अंदर चयनित विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेगा। यदि किसान समय सीमा के अंदर खाद नहीं लेते हैं तो टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश भर में लागू की गई है ताकि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुगमता प्रदान किया जा सके।

मुख्यमंत्री की मंशानुसार जिले में क्षीर धारा ग्राम योजना का आगाज; 73 ग्रामों का हुआ चयन
चार विभागों के समन्वय से दुग्ध उत्पादन होगा दोगुना, 2026 कृषि कल्याण वर्ष के रूप में घोषित
मंडला, 27 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पशुपालन विभाग ने “क्षीर धारा ग्राम” योजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। वर्ष 2026 को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है।
चार विभागों का कोलेबोरेटिव मॉडल बनेगा सफलता का आधार
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा सहयोग मॉडल है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पशुपालन को स्थायी व्यवसाय बनाने के लिए चार प्रमुख विभाग मिलकर काम करेंगे। जिसमें पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और वन विभाग शामिल रहेंगे।
पशुपालन विभाग जिले में नस्ल सुधार कार्यक्रम, पशु स्वास्थ्य शिविर, सघन टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिससे दुग्ध संग्रहण और विपणन की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। कृषि विभाग वार्षिक कार्ययोजना में हरित चारा उत्पादन को मुख्य घटक के रूप में शामिल करेगा। चयनित 73 ग्रामों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ बायोगैस संयंत्रों की स्थापना और गोबर से जैविक खाद बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है कि पारंपरिक फसलों की तुलना में हरित चारा कम समय, कम पानी और कम लागत में तैयार होता है, जिससे सीधे तौर पर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होती है।
निगरानी और क्रियान्वयन
योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक चयनित क्षीर धारा ग्राम में हरित चारा उत्पादन के प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए जा रहे हैं। ग्राम स्तरीय सहकारी समितियों और एफपीओएस के माध्यम से उन्नत बीज किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना अंतर्गत मंडला के 250 श्रद्धालुओं ने किए रामेश्वर-मदुरई के दर्शन
मंडला, 27 फरवरी 2026
मध्यप्रदेश टूरिज्म धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मंत्रालय द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत मंडला जिले से 250 श्रद्धालुओं को 19 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई गई। सात दिवसीय इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने रामेश्वरम एवं मदुरई के पवित्र स्थलों के दर्शन कर धार्मिक लाभ प्राप्त किया।
यात्रा के दौरान सभी यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। श्रद्धालुओं ने धार्मिक वातावरण में भावविभोर होकर यात्रा का आनंद लिया और इसे सुखद एवं अविस्मरणीय अनुभव बताया।
यात्रा के सफल संचालन में आईआरसीटीसी, भोपाल का विशेष सहयोग रहा। सभी यात्रियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। श्रद्धालुओं ने राज्य शासन द्वारा संचालित इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा व्यक्त की।

एचपीवी टीकाकरण: वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये दिए गए दिशा निर्देश
जिले की 12661 बालिकाओं को लगाए जायेंगे वैक्सीन
मंडला, 27 फरवरी 2026
राजधानी भोपाल से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार, 14-15 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी के टीके लगाने का अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाना है, जो कि एक आम यौन संक्रमण है और कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। शुक्रवार को वीसी के माध्यम से इस अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। मंडला एनआईसी कक्ष से कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीजे मोहंती, जन जातीय कार्य विभाग के क्षेत्रीय संयोजक श्री विष्णु सिंगौर, डीपीसी श्री कुलदीप कठैल, एपीसी श्री मुकेश पाण्डे वीडियो कॉफ्रेंस में शामिल हुए।
जिले के सभी 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित इस अभियान में आधार के माध्यम से बालिकाओं का पंजीयन होगा और समग्र डाटा से इसका सत्यापन किया जाएगा। टीकाकरण के लिए संबंधित बालिका के पालक की सहमति अनिवार्य है, और टीका लगने के बाद कुछ देर तक बालिका को स्वास्थ्य केंद्र पर ही रुकना होगा।
जिले में 12661 बालिकाओं को यह वैक्सीन दिया जाना है, जिसके लिए अभी जिले में 7596 डोज उपलब्ध हैं। अभियान मार्च 2026 तक चलेगा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीके की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी टीका किशोरियों को कई प्रकार के कैंसर से बचाता है, जिनमें गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, योनि कैंसर और गुदा कैंसर शामिल हैं। यह टीका यौन संचारित संक्रमण से भी बचाता है।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक आयोजित
अपर कलेक्टर ने की प्रगति की समीक्षा, अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
मंडला, 27 फरवरी 2026
जिले में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण एवं शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार सिंह द्वारा की गई।
समीक्षा के दौरान विभागवार प्राप्त शिकायतों, उनके निराकरण की स्थिति एवं संतुष्टि स्तर की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति गंभीरता व्यक्त करते हुए अपर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत नारायणगंज, निवास, बीजाडांडी, मंडला तथा आयुष अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर श्री सिंह ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत प्राप्त शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की भावना के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य विभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।
पर्यावरण संरक्षण के साथ मनाया जाएगा होलिका दहन
गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को बढ़ावा, ‘स्वच्छ और स्वस्थ होली’ अभियान के निर्देश जारी
मंडला, 27 फरवरी 2026
मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समरसता के संदेश के साथ गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को प्रोत्साहित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य शासन ने आगामी होली पर्व को पर्यावरण हितैषी तरीके से मनाने का निर्णय लेते हुए सभी जिलों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशानुसार होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर उपलों एवं गो-काष्ठ का उपयोग किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलें, पानी की बचत करें तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालें।
राज्य शासन ने सभी जिलों में आयोजित होने वाले सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का निःशुल्क पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह पंजीयन जिला मुख्यालय, तहसील, पंचायत एवं नगरीय निकायों के माध्यम से किया जाएगा। पंजीयन के समय आयोजक संस्था की आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की जाएगी।
निर्देशों के तहत संबंधित अधिकारी होलिका दहन कार्यक्रमों का स्थल पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि आयोजन पूर्णतः गो-काष्ठ आधारित हो। आयोजन के दो-तीन दिवस के भीतर संबंधित अधिकारी प्रमाणित प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगे।
राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी दिनों में जिला स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को प्रोत्साहित करने वाली संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। भविष्य में भी ऐसी संस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रोत्साहन एवं सहयोग दिया जाएगा।
शासन ने ‘स्वच्छ और स्वस्थ होली’ अभियान को व्यापक रूप से प्रचारित-प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। समस्त जिला कलेक्टरों को अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा संभागायुक्तों को इसकी निगरानी करने के लिए कहा गया है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता एवं पारंपरिक मूल्यों के साथ सुरक्षित एवं स्वच्छ होली का आयोजन सुनिश्चित करना है।
वरिष्ठजनों के लिये आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर संपन्न
मंडला, 27 फरवरी 2026
आयुष विभाग व सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा होलिस्टिक वेलबीईंग केम्प्स के तहत वरिष्ठजनों के लिये आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, माहिष्मती घाट में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का समापन हुआ।
कार्यक्रम में भगवान धनवंतरी पूजन एवं दीप प्रज्वलन किया गया तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी वरिष्ठजनों का सम्मान श्रीफल एवं पुष्प से किया गया। 51 वरिष्ठजनों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं औषधि वितरण किया गया। रोगियों को नियमित योग, व्यक्तिगत स्वच्छता, सामाजिक जुड़ाव, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिला आयुष अधिकारी डॉ. हर्ष कर्महे, जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री आहाके, आयुष चिकित्सक डॉ. आशीष गौठरिया, डॉ. ऋचा धुर्वे, डॉ. एकता वाल्को, डॉ. प्रियंका धुर्वे, डॉ. शबनम परवीन एवं वृद्धाश्रम प्रबंधक जमुना उइके एवं आयुष कर्मचारी उपस्थित थे।

होली उत्सव मेला का आयोजन 28 फरवरी को माहिष्मती घाट पर
दो दिवसीय मेले का शुभारंभ दोपहर 12 बजे, नागरिकों से सहभागिता की अपील
मंडला, 27 फरवरी 2026
होली पर्व के अवसर पर 28 फरवरी को माहिष्मति घाट पर भव्य होली उत्सव मेले का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से यह मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले का शुभारंभ 28 फरवरी को दोपहर 12 बजे विधिवत रूप से किया जाएगा। यह होली उत्सव मेला दो दिनों तक चलेगा, जिसमें स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हर्बल गुलाल, स्थानीय उत्पादों की स्टॉल लगाई जाएगी। साथ ही इन स्टॉलों पर हस्तशिल्प सामग्री भी उपलब्ध रहेगी।
जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर होली उत्सव मेले की शोभा बढ़ाएं और आपसी भाईचारे एवं उत्साह के साथ पर्व का आनंद लें।

