मंडला, 16 अप्रैल 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण पखवाड़ा के अवसर पर समुदाय में संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों में पोषण संबंधी समझ विकसित करना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में जिले की विभिन्न परियोजनाओं से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं स्व-सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता रही। इस दौरान संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही स्थानीय एवं ताजे खाद्य पदार्थों के सेवन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अंतर्गत विकास मील के पत्थरों की ट्रैकिंग के लिए पहचान अभियान भी चलाया गया, जिसमें बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास की नियमित निगरानी के महत्व को बताया गया। अभिभावकों को बच्चों के विकास के विभिन्न चरणों को पहचानने एवं समय पर उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रारंभिक मस्तिष्क विकास पर विशेष ध्यान देते हुए बताया गया कि 0 से 3 वर्ष की आयु में बच्चों के साथ संवाद, खेलकूद एवं सकारात्मक वातावरण उनके समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संतुलित एवं घर का बना पौष्टिक आहार अपनाकर कुपोषण की समस्या को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है, जिससे एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

