मंडला, 16 मई 2026
रामनगर में आयोजित भव्य आदि उत्सव के दौरान विभिन्न विभागों एवं जनजातीय कलाकारों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनजातीय संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत की सराहना की। इस दौरान प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, गुजरात के जनजातीय कार्य मंत्री श्री नरेश भाई पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जिला पंचायत सदस्य श्री शैलेष मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में जनजातीय समाज की पारंपरिक जीवन शैली, लोककला, हस्तशिल्प, चित्रकला, धातु शिल्प, मिट्टी के बर्तन, पारंपरिक आभूषण एवं प्राचीन उपयोगी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया। राज्यपाल श्री डेका ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुँचकर कलाकारों और प्रतिभागियों से संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों और हस्तनिर्मित वस्तुओं की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में जनजातीय कलाकारों द्वारा तैयार पारंपरिक चित्रकला एवं प्राकृतिक रंगों से बनाई गई कलाकृतियों ने विशेष रूप से सभी का ध्यान आकर्षित किया। राज्यपाल श्री डेका ने कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय कला और संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित और प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

इस दौरान पारंपरिक धातु एवं मिट्टी शिल्प से निर्मित प्राचीन उपयोगी सामग्री, बर्तन एवं आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में गोंडवाना संस्कृति और जनजातीय जीवन शैली की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियाँ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आदि उत्सव में आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय कलाकारों एवं जनजातीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया। आयोजन में शामिल अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

