मंडला, 21 मई 2026
मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने मण्डला प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम गाजीपुर के कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों, अधोसंरचना तथा पशुपालन विकास कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।
सचिव श्री सिंह ने प्रशिक्षण कक्ष, कार्यालयीन व्यवस्थाओं एवं परिसर में संचालित डेयरी इकाई का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पशुओं के लिए तैयार किए गए चारे तथा उन्नत नेपियर ग्रास उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए इसकी गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को उन्नत चारा उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे दुग्ध उत्पादन की लागत कम हो और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।

वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आय बढ़ाना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए पारंपरिक पशुपालन के साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने गाय एवं भैंसों के नस्ल सुधार (ब्रीड अपग्रेडेशन) कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने निर्देश दिए। श्री सिंह ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं के विस्तार से उच्च नस्ल के मवेशियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के निर्देश
सचिव श्री सिंह ने प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारियों को निर्देशित किया कि यहां आने वाले प्रशिक्षणार्थियों एवं पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, उन्नत नस्ल प्रबंधन एवं चारा उत्पादन के संबंध में व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे इन तकनीकों का लाभ अपने गांवों तक पहुंचा सकें।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम मण्डला श्रीमती सोनल सिडाम, डिप्टी कलेक्टर श्री संस्कार बावरिया, कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य डॉ. यू.एस. तिवारी, पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ. सुमित पटेल, डॉ. ज्योति मार्को एवं डॉ. कीर्ति धुर्वे उपस्थित रहे।

