मंडला, 8 मई 2026
कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय डीएलसीसी (जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोजगारमूलक योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड, बैंक लिंकेज तथा स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला योजना भवन में आयोजित इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, सहायक कलेक्टर श्री शैलेन्द्र चौधरी, संयुक्त कलेक्टर श्री हुनेन्द्र घोरमारे, आरबीआई मैनेजर श्रीकांत शर्मा, एलडीओ श्री अंकुश सिन्हा, जिला प्रबंधक नाबार्ड श्री देवब्रत पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पात्र एवं अच्छे हितग्राहियों के चयन के लिए एरिया मैपिंग सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि वर्तमान समय रोजगारमूलक योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए अनुकूल है तथा बैंकर्स विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रकरण तैयार करने में सहयोग करें। उन्होंने बैंकर्स से अपेक्षा की कि स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार शीघ्र स्वीकृति प्रदान करें तथा स्वीकृत प्रकरणों में ऋण वितरण की कार्यवाही समय-सीमा में सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के प्रकरणों का नियमित फॉलोअप किया जाए, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। कलेक्टर श्री धोटे ने आरसेटी द्वारा प्रशिक्षित युवाओं के प्रशिक्षण उपरांत फॉलोअप पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
पिछड़ा वर्ग विभाग की स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं एनआरएलएम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा गांवों में भ्रमण कर हितग्राहियों के विजन एवं आजीविका आधारित योजनाएं तैयार की जाएं।
बैठक में कलेक्टर श्री धोटे ने विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं, एसएचजी बैंक लिंकेज, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम स्वनिधि योजना, डेयरी केसीसी, उद्यम क्रांति योजना, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर योजना तथा संत रविदास स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

