मंडला, 7 मई 2026
कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने कहा कि मंडला ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाला जिला है और यहां कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग को समन्वित वार्षिक कार्ययोजना बनाकर कलेक्टिव एप्रोच पर काम करने के निर्देश दिए।
बुधवार को कलेक्ट्रेट के गोलमेज कक्ष में कृषि उत्पादन समिति (एपीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उप संचालक कृषि, सहायक संचालक उद्यानिकी, सहायक संचालक मत्स्य पालन और पशु चिकित्सा अधिकारियों ने पिछले वर्ष के लक्ष्यों की प्रगति और वर्ष 2026-27 की विभागीय कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया।

कोदो-कुटकी, दलहन-तिलहन पर फोकस
कलेक्टर श्री धोटे ने उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि जिले में कोदो-कुटकी, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाएं। किसानों को इन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि परंपरागत मोटे अनाज को बढ़ावा मिले और किसानों की आय बढ़े।
उद्यानिकी में पोटेंशियल देखकर बने क्लस्टर
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि योजना सिर्फ टार्गेट वर्सेस अचीवमेंट के आधार पर न बने। जिले में क्षेत्र की संभावनाओं को समझकर क्लस्टर अप्रोच पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि के जरिए लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने में समय लगता है, लेकिन उद्यानिकी के माध्यम से यह लक्ष्य कम समय में पूरा किया जा सकता है।

बायोफ्लॉक को फिश पार्लर से जोड़ें
सहायक संचालक मत्स्य पालन को निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में बायोफ्लॉक पर फोकस करें, यह कम स्थान पर सघन मत्स्य पालन की जैविक विधि है, जो किसानों को अच्छी अतिरिक्त आय का साधन बन सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूरा होमवर्क करें और इसकी इकाइयों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही इसका फॉरवर्ड लिंकेज प्लान करते हुए इसे फिश पार्लर से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादन के साथ-साथ उचित बाजार की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सहायक कलेक्टर श्री शैलेंद्र चौधरी, सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, उपसंचालक कृषि श्री अश्विनी झारिया, सहायक संचालक उद्यान सुश्री दीपा कुलेश, सहायक संचालक मत्स्य पालन श्री एलएस सैयाम, एसडीओ कृषि मधु अली सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

