मंडला, 10 जून 2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर आयुष विभाग द्वारा जिलेभर में योग संबंधी गतिविधियों एवं अभ्यास सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के मार्गदर्शन में सभी आयुष आरोग्य मंदिरों में ऑनलाइन योग प्रोटोकॉल का नियमित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के प्रमुख स्थलों पर प्रतिदिन योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 1 जून से कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, जिला पंचायत सीईओ श्री शाश्वत सिंह मीना, सहायक कलेक्टर श्री शैलेन्द्र चौधरी सहित अन्य जिला अधिकारी माहिष्मती घाट मंदिर परिसर में नियमित योग अभ्यास कर रहे हैं।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री अहाके ने बताया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। योग दिवस के पूर्व जिले में विभिन्न योगासनों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, जिनमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, भुजंगासन, गोमुखासन, वज्रासन, मकरासन, धनुरासन, नौकासन, सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने योग के माध्यम से विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। योग दिवस के अवसर पर 14 जून को काउंटडाउन कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में भागीदारी करने और अपने परिवार एवं परिचितों को भी योग से जोड़ने की अपील की गई है।
योग के लाभ बताते हुए जिला आयुष अधिकारी ने कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग तनाव को कम करने, शरीर को स्वस्थ रखने तथा सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से ‘‘घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग’’ के संदेश के साथ जिलेभर में योग जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आयुष विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग के लिए समय निकालें और स्वस्थ एवं निरोग जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।
धनुरासन क्या है ?
इस आसन में शरीर की आकृति खिंचे हुए धनुष के समान दिखाई देती है। इसमें पेट के बल लेटकर दोनों पैरों को पीछे से हाथों से पकड़कर छाती और जांघों को ऊपर उठाया जाता है।
कैसे करें ?
- पेट के बल सीधे लेट जाएं।
- घुटनों को मोड़कर एड़ियों को नितंबों की ओर लाएं।
- दोनों हाथों से टखनों को पकड़ें।
- सांस भरते हुए छाती और पैरों को ऊपर उठाएं।
- शरीर का भार पेट पर संतुलित रखें।
- कुछ सेकंड तक स्थिति बनाए रखें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं।
लाभ
’ रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है।
’ पीठ, कंधों और पैरों की मांसपेशियों को सुदृढ़ करता है।
’ पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
’ पेट की अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायक माना जाता है।
’ शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ाता है।
’ तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।
