मंडला, 17 जून 2026
मण्डला जिला प्रशासन के सहयोग एवं कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के मार्गदर्शन में नर्मदा तट स्थित माहिष्मती घाट पर पांच दिवसीय योग सत्र का शुभारंभ किया गया है। यह विशेष आयोजन ईशा फाउंडेशन के तत्वावधान में 16 जून से 20 जून तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन ईशा फाउंडेशन के समर्पित स्वयंसेवकों शिवांश अग्रवाल, शुभम दुबे एवं मृदु श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनमानस को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है।
आंतरिक रूपांतरण के चार प्रमुख स्तंभ
सत्र के दौरान सहभागियों को सद्गुरु द्वारा प्रतिपादित प्रभावशाली यौगिक प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दिशा संचालन
यह क्रिया रीढ़ की हड्डी को सुदृढ़ बनाने तथा शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने में सहायक है। इसके नियमित अभ्यास से शारीरिक जड़ता एवं शिथिलता दूर होती है।
योग नमस्कार
संपूर्ण शरीर को सक्रिय करने वाली यह शक्तिशाली योग प्रक्रिया रीढ़ के निचले भाग को मजबूत बनाती है तथा मांसपेशियों में लचीलापन विकसित करती है।
नाड़ी शुद्धि
प्राणायाम की यह प्राचीन विधि शरीर की ऊर्जा वाहिकाओं (नाड़ियों) का शोधन करती है। यह मानसिक तनाव को कम कर मन को शांत एवं संतुलित बनाती है।
यह विशेष ध्यान प्रक्रिया विचारों को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है तथा मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता और आंतरिक शांति के विकास में सहायक सिद्ध होती है।
प्रशासन एवं आयुष विभाग की सक्रिय सहभागिता
योग सत्र की महत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिल रही है। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना तथा डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ नियमित रूप से सहभागिता कर योगाभ्यास कर रहे हैं तथा नागरिकों को स्वास्थ्य एवं योग के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक, विशेषज्ञ एवं विभागीय कर्मचारी भी सक्रिय रूप से इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनकी सहभागिता इस तथ्य को पुष्ट करती है कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न अनेक स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम एवं समग्र स्वास्थ्य संवर्धन में योग एक प्रभावी, सुलभ एवं वैज्ञानिक माध्यम है।
नर्मदा तट की मनोहारी प्राकृतिक छटा, पावन जलधारा की मधुर लहरें और योगाभ्यास के दौरान गूंजते मंत्रोच्चार इस संपूर्ण आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता से परिपूर्ण बना रहे हैं। यह योगोत्सव स्वास्थ्य, संतुलन और आत्मिक उन्नति की दिशा में जनसामान्य को प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हो रहा है।
