मंडला, 18 जून 2026
कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि के प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग, वार्षिक कार्ययोजना, लंबित निर्माण कार्यों की प्रगति तथा नवीन दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रीता एस.एम., मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, जिला खनिज अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री धोटे ने निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी नवीन प्रावधानों के अनुरूप खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों का पुनः चिन्हांकन किया जाए, ताकि डीएमएफ निधि का लाभ वास्तविक रूप से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि निधि के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। नवीन व्यवस्था के अनुसार कुल उपलब्ध राशि का 70 प्रतिशत भाग प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों पर तथा शेष 30 प्रतिशत राशि अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जनहितकारी कार्यों के लिए व्यय की जाएगी।
लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर श्री धोटे ने वर्ष 2023-24 के अंतर्गत स्वीकृत 13 लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत लंबित भुगतान भी तत्काल किए जाएं, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने निरस्त किए जा रहे पुराने कार्यों का विभागीय स्तर पर पुनः परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित हों विकास योजनाएं
कलेक्टर श्री धोटे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ मद से प्राप्त राशि के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए तथा प्राप्त प्रस्तावों का व्यवस्थित संकलन कर प्राथमिकता निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय समुदाय की वास्तविक आवश्यकताओं को केंद्र में रखा जाए, जिससे योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंच सके।
रोजगार एवं स्वरोजगार गतिविधियों को मिले प्राथमिकता
बैठक में कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए रोजगारोन्मुखी एवं स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उन्नत कृषि, बकरी पालन, आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया, ताकि स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।
