मंडला को मिला 8.10 करोड़ का नवीन तहसील भवन
जनता को मिलेगी समय पर और सम्मानजनक सेवा- कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके
पुरानी दिक्कतें खत्म, नए भवन से बदलेगा राजस्व तंत्र का स्वरूप – केबिनेट मंत्री श्रीमती उईके
मंडला, 1 अगस्त 2026
मंडला नगर के नेहरू स्मारक चौराहे के समीप बने नवीन तहसील भवन का लोकार्पण शनिवार को किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके और सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने विधिवत पूजन, शिला पट्टिका अनावरण एवं फीता काटकर भवन का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केबिनेट मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि पुराने तहसील भवन में हमारे राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्षों से असुविधाजनक परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा था। बरसात के दिनों में छत टपकना, जगह की कमी और बैठने की दिक्कत होती थी। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को समस्या होती थी, बल्कि आम नागरिकों को भी काम कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब नये भवन में तहसील कार्यालय शुरू होने से पुरानी दिक्कतें खत्म होंगी और राजस्व के कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए 8.10 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य तीन मंजिला तहसील कार्यालय का निर्माण कराया है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त है और निश्चित रूप से यहां आने वाले हर व्यक्ति को समय पर, पारदर्शी और सम्मानजनक सेवा मिलेगी। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर में अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है ताकि शासन की योजनाएं सीधे जनता तक पहुंच सकें।
श्रीमती उईके ने मंडला नगर के विकास के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि शहर के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। आने वाले समय में मंडला को एक विकसित और सुविधायुक्त शहर के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने इस नवीन भवन के लिए समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और नगरवासियों को बधाई दी।
सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि यह सुविधा युक्त भवन मंडला तहसील के लोगों को समर्पित है। जिले में घुघरी, नैनपुर, बिछिया और मंडला में अनुविभागीय कार्यालय बन चुके हैं तथा निवास का नवीन तहसील भवन भी लगभग तैयार है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री शैलेष मिश्रा, वरिष्ठ समाज सेवी श्री प्रफुल्ल मिश्रा, श्री जयदत्त झा, कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, अपर कलेक्टर श्री हुनेन्द्र घोरमारे, एसडीएम श्रीमती सोनल सिडाम, तहसीलदार श्री हिमांशु भलावी सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री अखिलेश उपाध्याय ने किया।
प्रदेश शासन की पुनर्घनत्वीकरण योजना के अन्तर्गत बनाया गया है भवन
मध्यप्रदेश शासन की पुनर्घनत्वीकरण योजना के अन्तर्गत यह नवीन तहसील भवन बनाया गया है। 8.10 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस तीन मंजिला भवन का कुल क्षेत्रफल 2845 वर्ग मीटर है। भवन में 07 कोर्ट, 30 कक्ष और 02 बैठक हॉल बनाए गए हैं। लोगों की सुविधा के लिए सीढ़ियों के अलावा लिफ्ट और रैम्प भी बनाया गया है। लोकार्पण समारोह के अवसर पर केबिनेट मंत्री श्रीमती उईके एवं सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भवन के कोर्ट रूम, हॉल तथा अन्य कक्षों का भ्रमण किया और व्यवस्थाएं देखी।
कलेक्टर ने ली हाऊसिंग बोर्ड की बैठक
जेल परिसर के विकास पर फोकस, 1000 क्षमता का ऑडिटोरियम और पुस्तकालय बनेगा
मंडला, 1 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारियों की आवश्यक बैठक ली। बैठक में जेल भवन को नगर से बाहर शिफ्ट किए जाने संबंधी रिवाइज्ड डीपीआर को दो दिवस के भीतर वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जेल परिसर के समग्र विकास के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इस दौरान परिसर में 1000 व्यक्तियों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम, पुस्तकालय सहित अन्य विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, तहसीलदार नजूल श्री हीरा तिवारी, जेल अधीक्षक तथा हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
एकलव्य विद्यालय सेमरखापा का आकस्मिक निरीक्षण
मंडला, 1 अगस्त 2026
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना द्वारा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, सेमरखापा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यालय की शैक्षणिक एवं व्यवस्थागत गतिविधियों का अवलोकन कर संस्था की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने संस्था के प्राचार्य से विद्यालय संचालन, विद्यार्थियों की सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त श्री अरूण शुक्ला उपस्थित रहे।
शिक्षा गुणवत्ता एवं प्रोजेक्ट संकल्प की समीक्षा
सीईओ जिला पंचायत ने दिए आवश्यक निर्देश
मंडला, 1 अगस्त 2026
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शाश्वत सिंह मीना द्वारा शिक्षा विभाग के प्राचार्य कन्या शिक्षा परिसर, प्राचार्य हायर सेकेंडरी स्कूल, प्राचार्य हाईस्कूल, संकुल प्राचार्यों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता, प्रोजेक्ट संकल्प, मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान तथा सीएम हेल्पलाइन से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मीना ने सभी संस्थाओं में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों का नामांकन, पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने तथा पाठ्यपुस्तकों के वितरण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। विद्यालयों में रिक्त पदों पर शासन के नियमों के अनुरूप ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाए तथा जिला समिति से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही नियुक्ति संबंधी कार्यवाही पूरी की जाए। बैठक के दौरान सहायक आयुक्त श्री अरूण शुक्ला एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े उपस्थित रहीं।
पॉक्सो पीड़ित बच्चों के सहयोग का अभिनव मॉडल
इंडक्शन व रिफ्रेशर प्रशिक्षण से मजबूत होगा सहयोग तंत्र
मंडला, 1 अगस्त 2026
पॉक्सो अधिनियम 2012 के अंतर्गत पीड़ित बच्चों को त्वरित सहायता और समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए जिला मंडला ने सपोर्ट पर्सन्स के लिए एकीकृत केस मैनेजमेंट मॉडल विकसित किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एनसीपीसीआर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला पंचायत सभाकक्ष में नव इम्पैनल सपोर्ट पर्सन्स का इंडक्शन, पूर्व इम्पैनल सपोर्ट पर्सन्स का रिफ्रेशर प्रशिक्षण और मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
प्रशिक्षण का शुभारंभ सहायक संचालक श्री रोहित बड़कुल ने किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सपोर्ट पर्सन न्यायिक प्रक्रिया में बच्चे और परिवार का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी है। इसलिए सतत प्रशिक्षण और समीक्षा जरूरी है। प्रशिक्षण में पॉक्सो अधिनियम, बाल-अनुकूल न्याय, मनोसामाजिक सहयोग, गोपनीयता और अंतरविभागीय समन्वय पर जोर दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एसजेपीयू और अभियोजन कार्यालय के विशेषज्ञों ने भी विधिक प्रक्रिया एवं पीड़ित प्रतिकर पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धि बाल कल्याण समिति द्वारा तैयार एकीकृत केस मैनेजमेंट एवं डॉक्यूमेंटेशन प्रणाली रही। इसमें प्रथम संपर्क से लेकर केस क्लोजर तक प्रत्येक चरण के लिए मानकीकृत प्रपत्र बनाए गए हैं। यह प्रणाली त्वरित हस्तक्षेप, सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते ने कहा कि यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय है और बाल संरक्षण तंत्र को अधिक संवेदनशील बनाएगा।
70 विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन
प्रोजेक्ट संकल्प के तहत हुआ विशेष ऑनलाइन काउंसलिंग सत्र
मंडला, 1 अगस्त 2026
जिला प्रशासन मंडला के नवाचार प्रोजेक्ट संकल्प के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विशेष ऑनलाइन करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में जिले के 70 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने भाग लिया और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं तथा उच्च शिक्षा के अवसरों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट एवं कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के प्रति जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने इन परीक्षाओं के नए स्वरूप, प्रभावी तैयारी की रणनीतियों तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में प्रवेश प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य वक्ता श्रीमती रूपल ज्योतिषी, करियर काउंसलर एवं मंगलायतन विश्वविद्यालय के करियर विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन और सही अध्ययन सामग्री के चयन पर उपयोगी सुझाव दिए। वहीं डॉ. ऐश्वर्य शर्मा, निदेशक, लॉ प्रेप ट्यूटोरियल ने विधि क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए क्लेट परीक्षा में सफलता के व्यावहारिक उपाय साझा किए। जिला करियर काउंसलर श्री अखिलेश उपाध्याय ने भी विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों और उनके चयन की प्रक्रिया से अवगत कराया।
प्रोजेक्ट संकल्प के प्रभारी श्री मुकेश पाण्डेय ने बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण करियर मार्गदर्शन पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार भविष्य में भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर विकल्पों पर ऐसे ऑनलाइन मार्गदर्शन सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना महंगी कोचिंग के भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया। अंत में प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने प्रोजेक्ट संकल्प की सराहना करते हुए इसे छात्रहित में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल बताया।
