शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों के परिश्रम से जिले को मिली पहचान- मंत्री श्रीमती उइके
हर विद्यालय का लक्ष्य हो स्टेट मेरिट, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर दें- डीएम
गुरुपूर्णिमा पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय प्राचार्यों का सम्मान
मंडला, 29 जुलाई 2026
कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके की उपस्थिति में गुरुपूर्णिमा पखवाड़े के समापन अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा-2026 में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों का सम्मान जिला योजना भवन में आयोजित समारोह में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पठन सामग्री भेंट कर स्वागत किया गया।
मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए गए हैं। सीमित संसाधनों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त करना जिले की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता जिले का नाम प्रदेशभर में रोशन कर रही है। उन्होंने सभी विद्यालयों से मेरिट सूची में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्थान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रोजेक्ट संकल्प की विशेष रूप से सराहना की गई। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस पहल की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है तथा इससे विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने कार्यक्रम में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में प्रतिभा होती है, आवश्यकता उसे सही दिशा और अवसर देने की है। उन्होंने शिक्षकों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय प्रदेश की मेरिट सूची में शामिल होने का प्रयास करें।
ऐसे मिला शत-प्रतिशत परिणाम
सफल प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास कराने, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाने तथा शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुए। इसी प्रकार इस वर्ष भी विद्यार्थियों को कुशल शिक्षा के साथ-साथ प्रदेश की मेरिट सूची का टारगेट करने हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा।
इस अवसर पर जिले के 41 शासकीय हाईस्कूल एवं 20 शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों ने बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया। इन सभी प्राचार्यों को सर्टिफिकेट एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इनके अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा प्रभारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जनपद अध्यक्ष श्री सोनू भलावी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री जयदत्त झा, सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, एसडीएम श्रीमती सोनल सिडाम, डीईओ श्रीमती मुन्नी वरकड़े, सहायक आयुक्त श्री अरूण शुक्ला सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।
31 जुलाई तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा, किसानों से अपील
मंडला, 29 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026-27 की अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
उपसंचालक कृषि श्री अश्विनी झारिया ने बताया कि योजना के तहत अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलें बोने वाले सभी ऋणी एवं अऋणी किसान फसल बीमा कराने के पात्र हैं। किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष प्रीमियम राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
अऋणी किसान अपनी फसलों का बीमा जिले की सहकारी समितियों, कॉमन सर्विस सेंटर, बैंकों, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, फसल बीमा पोर्टल www.pmfby.gov.in, एआईसी प्रतिनिधि, पीओएसपी बीमा एजेंट एवं उर्वरक विक्रय केंद्रों के माध्यम से 31 जुलाई तक करा सकते हैं।
बीमा पंजीयन के लिए किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, बोवाई प्रमाण पत्र तथा मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा। कृषि विभाग ने बताया कि धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, कोदो-कुटकी, अरहर एवं मूंग सहित अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा योजना में शामिल है। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी बैंक, कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा किसान हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क कर सकते हैं।
कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2027 के आवेदन शुरू
मंडला, 29 जुलाई 2026
जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2027 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। परीक्षा के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय में 80 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
प्राचार्य, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी https://navodaya.gov.in पर निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
परीक्षा में वही विद्यार्थी आवेदन के पात्र होंगे, जो मंडला जिले में सत्र 2026-27 के दौरान कक्षा 5वीं में अध्ययनरत हैं। साथ ही अभ्यर्थी की जन्मतिथि 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 (दोनों तिथियां शामिल) के बीच होना आवश्यक है।
सफलता की कहानी
1 हेक्टेयर में समन्वित कृषि का अनूठा मॉडल: आत्मनिर्भरता की मिसाल
सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार से सम्मानित हुए सुखलाल
मंडला, 29 जुलाई 2026
सीमित संसाधनों और कम भूमि के बावजूद यदि नवाचार तथा शासकीय योजनाओं का सही समन्वय किया जाए, तो कृषि को लाभ का धंधा बनाया जा सकता है। इसे सच कर दिखाया है मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम मगरधा के प्रगतिशील किसान श्री सुखलाल उईके ने। मात्र 1.20 हेक्टेयर भूमि के मालिक श्री सुखलाल ने समन्वित कृषि मॉडल को अपनाकर क्षेत्र के किसानों के समक्ष आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
शासकीय योजनाओं से मिला संबल
कृषि विभाग की खेत तालाब योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण कराकर उन्होंने मत्स्य पालन प्रारंभ किया, जिससे उन्हें विगत वर्ष 10,000 की अतिरिक्त आय हुई। वहीं, आत्मा योजना के तहत मिले प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक भ्रमण के बाद उन्होंने मशरूम उत्पादन शुरू कर अपनी आय को नए आयाम दिए।
कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सतत तकनीकी मार्गदर्शन में वे निरंतर नई तकनीकों को अपना रहे हैं। वर्तमान में रेशम पालन से उन्हें प्रतिवर्ष 35,000 से 40,000 तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही वे आम, अमरूद और नींबू के फल उद्यान के साथ-साथ टमाटर, बैंगन एवं औषधीय फसल अश्वगंधा की खेती कर रहे हैं।
सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार से हुए सम्मानित
कृषि क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों एवं लगन को देखते हुए सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना द्वारा श्री सुखलाल उईके को सर्वाेत्तम कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सुखलाल स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य कृषकों को भी रेशम पालन का प्रशिक्षण देकर प्रेरित कर रहे हैं। श्री सुखलाल कहते है कि यदि किसान पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकलकर समन्वित कृषि अपनाएं और विभागीय योजनाओं का लाभ लें, तो कम रकबे में भी बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है।
29 जुलाई को मंडला जिले में औसत 30.7 मिमी वर्षा दर्ज
1 जून से अब तक 506.8 मिमी बारिश
मंडला, 29 जुलाई 2026
जिले में मानसून की गतिविधियां जारी हैं। 29 जुलाई 2026 को मंडला जिले में औसतन 30.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं 1 जून से 29 जुलाई 2026 तक जिले में कुल 506.8 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 1093.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई थी।
29 जुलाई को तहसीलवार वर्षा में नारायणगंज में सर्वाधिक 52.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद निवास में 46.8 मिमी, बिछिया में 35.7 मिमी, मंडला में 28.8 मिमी, नैनपुर में 14.8 मिमी तथा घुघरी में 6.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
1 जून से 29 जुलाई तक संचयी वर्षा के अनुसार मंडला तहसील में 612.2 मिमी, घुघरी में 594.9 मिमी, बिछिया में 557.3 मिमी, नैनपुर में 538.8 मिमी, निवास में 392.2 मिमी तथा नारायणगंज में 314.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1326.2 मिमी निर्धारित है, जबकि मंडला मुख्यालय तहसील की औसत वार्षिक वर्षा 1442.6 मिमी है। मौसम विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा वर्षा की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सुरंगदेवरी में ‘नशा से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत पौधारोपण
मंडला, 29 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा चयनित नवांकुर संस्था सृजन समाज विकास समिति, मंडला एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत मानादेई के पोषक ग्राम सुरंगदेवरी में ‘नशा से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के अंतर्गत नशामुक्ति संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में एएसआई श्री मन्नूलाल पन्द्रे ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन एवं दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा नशामुक्त समाज का निर्माण करना है। विकासखंड समन्वयक संतोष कुमार झारिया ने कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है और इससे दूर रहकर ही स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन संभव है। संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने भी नशामुक्ति के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्ति की शपथ ली तथा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर शाला परिवार के शिक्षक सुनील कुमार नामदेव, बृजेश डोंगसरे, मुकेश बैरागी, अमर सोनी, सोम प्रकाश पाठक एवं विप्लव पटेल, ग्राम सचिव किशन बरमैया, पंच इन्द्र कुमार सैयाम, महिला आरक्षक आरती जंघेला, नवांकुर संस्था के कार्यक्रम समन्वयक जितेन्द्र लारेश्वर, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मानादेई के अध्यक्ष दीपक कुमार यादव सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मंडला में मखाना खेती के लिए 6,800 हेक्टेयर का लक्ष्य
किसान ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ लें
मंडला, 29 जुलाई 2026
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मंडला द्वारा मखाना खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 6,800 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने किसानों से इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
इच्छुक किसान मखाना खेती के लिए एमआईपीएफएसटीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना की अधिक जानकारी के लिए किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी या सहायक संचालक (उद्यान), जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उद्यानिकी विभाग ने किसानों से समय पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाने और मखाना जैसी लाभकारी फसल की खेती अपनाने का आग्रह किया है।
बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
मंडला, 29 जुलाई 2026
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहन्ती ने जिलेवासियों से अपील की है कि वर्षा ऋतु के दौरान जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में दस्त, उल्टी, पेचिश, डायरिया, पीलिया, टायफाइड, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और फायलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
सीएमएचओ ने सलाह दी है कि केवल शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। उबला हुआ, फिल्टर या क्लोरीनयुक्त पानी पिएं तथा कुएं, नदी, नाले, तालाब या अन्य असुरक्षित जल स्त्रोतों का पानी पीने से बचें। ताजा एवं स्वच्छ भोजन करें, बासी भोजन, सड़ी-गली सब्जियाँ एवं फल तथा बरसात में मांसाहार से परहेज करें। भोजन बनाने और खाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत अपनाएं और स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि उल्टी-दस्त या डायरिया होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस, जिंक तथा अन्य आवश्यक दवाओं का सेवन करें। साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और चावल का माड़, दही, शिकंजी तथा अन्य तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लें। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं एवं डिपो होल्डर से आवश्यक दवाएं भी प्राप्त की जा सकती हैं।
डॉ. मोहन्ती ने बताया कि बरसात में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया एवं फायलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है, जबकि डेंगू और चिकनगुनिया एडीज मच्छर के माध्यम से फैलते हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और पानी की टंकियों को सप्ताह में एक बार खाली कर साफ करें, टूटे टायर एवं कबाड़ को ढंक्कर रखें तथा गड्ढों को भर दें। उन्होंने लोगों से अपील की कि रात में मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें तथा मच्छर भगाने वाली क्रीम, क्वाइल और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। यदि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
