मंडला, 4 सितम्बर 2026
शिक्षक दिवस पर मयंक कहते हैं कि जब गुरु सही राह दिखाएं और शासन प्रतिभा को संसाधनों का संबल दे, तो किसी भी विद्यार्थी के सपनों की उड़ान को पंख मिल सकते हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन जब एक साथ मिलते हैं, तो साधारण परिस्थितियों में पला-बढ़ा विद्यार्थी भी सफलता की नई कहानी लिख सकता है। मंडला जिले के ग्राम बड़ी खैरी निवासी मयंक पटेल की कहानी इसी विश्वास को मजबूत करती है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मंडला से कक्षा 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले मयंक ने न केवल अपने माता-पिता का गौरव बढ़ाया, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रतिभा को अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले तो मंजिल दूर नहीं रहती।
वर्तमान में मयंक बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं। इस सफर में जहां उनके गुरुजनों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ा रहा है, वहीं अब मध्यप्रदेश शासन की प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना के माध्यम से मिला लैपटॉप उनकी पढ़ाई का नया साथी बनने जा रहा है।

गुरुजनों की सीख के साथ अब डिजिटल ज्ञान का साथ
शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे विद्यार्थियों को सपने देखने, लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने का रास्ता भी दिखाते हैं। मयंक की सफलता में भी उसके माता-पिता के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मंडला में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता को पहचानकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास करते हैं।
अब मयंक की इस शैक्षणिक यात्रा में एक और साथी जुड़ गया है, लैपटॉप। ऑनलाइन कक्षाओं, ई-बुक्स, डिजिटल नोट्स, शैक्षणिक वीडियो, ऑनलाइन कोचिंग और विषय विशेषज्ञों की सामग्री तक पहुंच ने सीखने की दुनिया को कक्षा की चारदीवारी से बाहर तक विस्तारित कर दिया है। ऐसे में मयंक के लिए यह लैपटॉप एक तरह से ‘डिजिटल गुरु’ की भूमिका निभाएगा, जो उसे जरूरत के समय नई जानकारी और ज्ञान के अनगिनत स्रोतों से जोड़ सकेगा।

25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से आसान हुई डिजिटल पढ़ाई
मयंक की मेधा और उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित करते हुए मध्यप्रदेश शासन की प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत कर उसके खाते में अंतरित की गई है।
मयंक कहते हैं, “शासन से मिली प्रोत्साहन राशि मेरी आगे की पढ़ाई के लिए बहुत मददगार साबित होगी। बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई में डिजिटल संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लैपटॉप के माध्यम से मैं ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल नोट्स, शैक्षणिक वीडियो और ऑनलाइन कोचिंग का बेहतर उपयोग कर सकूंगा। मेरे शिक्षकों ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है, अब यह लैपटॉप भी मेरी पढ़ाई में एक अच्छे गुरु और साथी की तरह मदद करेगा।”
शिक्षकों और माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
मयंक अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता श्री महेंद्र पटेल, माताजी और गुरुजनों को देते हैं। उनका कहना है कि परिवार के विश्वास और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन ने उन्हें मेहनत करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। शिक्षक दिवस के अवसर पर मयंक अपने सभी गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि शिक्षकों द्वारा दिया गया ज्ञान और संस्कार जीवनभर साथ रहते हैं।

शासकीय विद्यालय में शिक्षा के साथ भविष्य की तैयारी
शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मंडला के शिक्षक एवं करियर काउंसलर मोटिवेटर श्री अखिलेश उपाध्याय बताते हैं कि विद्यालय में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की शिक्षा के साथ-साथ उनके भविष्य को लेकर भी मार्गदर्शन दिया जाता है। विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर विकल्पों की जानकारी दी जाती है तथा लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि मयंक जैसे विद्यार्थी विद्यालय के लिए गौरव हैं। ऐसे विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना उनकी प्रतिभा को और आगे बढ़ाने में सहायक होता है।
