मंडला, 13 सितम्बर 2026
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार जिला मंडला में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी के निर्देशन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा के मार्गदर्शन में आयोजित लोक अदालत में आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर विभिन्न न्यायालयीन एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी शुभारंभ किया गया। शिविर में न्यायिक अधिकारीगण, न्यायालयीन कर्मचारी, अधिवक्तागण एवं उपस्थित पक्षकारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा ने बताया कि जिला न्यायालय मंडला तथा तहसील न्यायालय नैनपुर, निवास एवं बिछिया में प्रकरणों के निराकरण के लिए कुल 18 खंडपीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरण, विद्युत प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, भरण-पोषण, चेक बाउंस, श्रम, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद सहित विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके साथ ही बैंक, नगरपालिका, विद्युत विभाग एवं बीएसएनएल से संबंधित प्रीलिटिगेशन प्रकरण भी रखे गए।
प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में भी उल्लेखनीय निराकरण
प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 150 प्रकरणों में से 141 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 39 लाख 84 हजार 684 रुपये की वसूली राशि प्राप्त हुई। विद्युत विभाग के 240 प्रकरणों में से 238 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 13 लाख 80 हजार 949 रुपये की वसूली राशि प्राप्त हुई। नगरपालिका के 119 प्रकरणों में से 110 प्रकरण निराकृत हुए, जिनमें 5 लाख 7 हजार 340 रुपये की वसूली राशि प्राप्त हुई।
न्यायालयीन प्रकरणों में भी आपसी सुलह से निराकरण
न्यायालय में लंबित प्रकरणों में समझौता योग्य आपराधिक प्रकृति के 35 प्रकरणों में से 32 का निराकरण किया गया। धारा 138 एनआई एक्ट के 47 में से सभी 47 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 91 लाख 62 हजार 442 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार एमएसीटी के 24 में से सभी 24 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 1 करोड़ 5 लाख 10 हजार रुपये का अवार्ड पारित किया गया।
पारिवारिक विवाद से संबंधित 22 में से सभी 22 प्रकरणों तथा अन्य सिविल प्रकृति के 11 में से सभी 11 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लंबित ट्रैफिक चालान के 196 प्रकरणों में सभी 196 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 46 हजार 600 रुपये की समझौता राशि का आदेश पारित किया गया। कंज्यूमर फोरम के 4 प्रकरणों में भी सभी प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 80 हजार 4 रुपये की समझौता राशि का आदेश पारित किया गया।
इस प्रकार न्यायालयीन लंबित प्रकरणों में कुल 357 प्रकरण रेफर किए गए थे, जिनमें से 354 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कुल 1 करोड़ 65 लाख 31 हजार 948 रुपये राशि के धनादेश/अवार्ड पारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत से कुल 457 लोग लाभान्वित हुए।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए सभी न्यायाधीशगण, न्यायालयीन कर्मचारी, अधिवक्तागण एवं पक्षकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
